यस बैंक (Yes Bank) के नाम एक खास उपलब्धि जुड़ गई है। मार्च महीने के अंत तक के आंकड़ों के मुताबिक, यस बैंक के कुल शेयरधारकों की संख्या 50 लाख के भी पार पहुंच गई है। वह यह उपलब्धि हासिल करने वाली देश की पहली कंपनी है। सबसे अधिक शेयरहोल्डरों के मामले में टाटा पावर (Tata Power) दूसरे नंबर पर है, जिसके शेयरों में कुल 38.5 लाख लोगों ने निवेश किया हुआ है। वहीं रिलायंस इंडस्ट्री (Reliance Industries) 33.6 लाख करोड़ शेयरधारकों के साथ इस लिस्ट में तीसरे नंबर पर है। बाकी दोनों कंपनियों के आकड़े दिसंबर तिमाही के अंत तक के हैं।
एक रिपोर्ट के मुताबिक दिसंबर तिमाही के अंत में यस बैंक के कुल शेयरधारकों की संख्या 48.1 लाख थी, जो अब बढ़कर 50.6 लाख करोड़ पर पहुंच गई है। खास बात यह है कि यस बैंक के सभी शेयरहोल्डर 'पब्लिक' है।
इस बीच यस बैंक के शेयर आज 13 अप्रैल को एनएसई पर 0.97% गिरकर 15.25 रुपये के भाव पर बंद हुए। पिछले एक महीने में कंपनी के शेयरों में 1.93% की गिरावट आई है। वहीं पिछले एक साल में इसने अपने निवेशकों को 8.16% का रिटर्न दिया है।
Yes Bank के शेयरों का पिछले एक सालों का उच्चतम स्तर 24.8 रुपये है। फिलहाल बैंक के शेयर इस उच्चतम स्तर से करीब 38% नीचे कारोबार कर रहे हैं। यस बैंक का पिछले 52 हफ्तों का सबसे निचला 12.2 रुपये है।
यस बैंक के शेयरों में हालिया गिरावट RBI की ओर से लगाए गए 3 साल के लॉक-इन अवधि के खत्म होने के बाद आई है। RBI ने साल 2020 में यस बैंक को डूबने से बचाने के लिए एक रिकंस्ट्रक्शन स्कीम तैयार की थी इसके तहत मार्च 2023 तक बैंक के सभी निवेशकों को अपनी शेयरहोल्डिंग बेचने से रोक लगा दी थी। हालांकि अब यह लॉक-इन पीरियड खत्म हो गया है, जिसके चलते इसके शेयरों में बिकवाली देखी जा रही है।