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Yes Bank के एमडी प्रशांत कुमार ने बताई बैंक के क्राइसिस से बाहर निकलने की पूरी कहानी

यस बैंक की सेहत बहुत ज्यादा बिगड़ने के बाद मार्च 2020 में आरबीआई ने इसे मोरेटोरियम में डाल दिया था। एसबीआई की अगुवाई में कुछ बैंकों ने मिलकर यस बैंक को डूबने से बचा लिया। आज यस बैंक का कामकाज पटरी पर आ चुका है। बीते 5 साल यस बैंक के लिए काफी चैलेंजिंग रहे हैं

Edited By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Apr 26, 2025 पर 10:30 AM
Yes Bank के एमडी प्रशांत कुमार ने बताई बैंक के क्राइसिस से बाहर निकलने की पूरी कहानी
Yes Bank का स्टॉक 17 अगस्त, 2018 को 393 रुपये का था। क्राइसिस के बाद यह गिरकर सितंबर 2021 में 10.95 रुपये पर आ गया था।

यस बैंक की तस्वीर बीते 5 सालों में पूरी तरह से बदल गई है। मार्च 2020 में यस बैंक को मोरेटोरियम में डाल दिया गया था। एसबीआई की अगुवाई में कुछ बैंकों ने मिलकर यस बैंक को डूबने से बचा लिया। आज यस बैंक तेज ग्रोथ के लिए पूरी तरह से तैयार है। इस मुश्किल वक्त (बीते 5 साल) में यस बैंक का नेतृत्व एमडी और सीईओ प्रशांत कुमार ने किया। मनीकंट्रोल से बातचीत में उन्होंने यस बैंक के इस कायाकल्प की कहानी विस्तार से बताई। उन्होंने बताया कि मुश्किल वक्त का सामना करने के लिए यस बैंक ने किस तरह अपनी रणनीति बदली। यस बैंक के इस उतारचढ़ाव को हम उसके शेयरों की कीमतों के जरिए समझ सकते हैं।

393 रुपये से गिरकर 10.95 रुपये पर आ गया था स्टॉक

Yes Bank का स्टॉक 17 अगस्त, 2018 को 393 रुपये का था। क्राइसिस के बाद यह गिरकर सितंबर 2021 में 10.95 रुपये पर आ गया था। अभी इसका भाव 17.77 रुपये है। हालांकि, शेयर की कीमत अब भी पीक से काफी नीचे है, लेकिन बैंक का कामकाज पटरी पर आ चुका है। यह नई उड़ान भरने के लिए तैयार है। प्रशांत कुमार के नेतृत्व में यस बैंक ग्रोथ की तय स्ट्रेटेजी पर आगे बढ़ रहा है। ग्राहकों को अच्छी सेवाएं मिल रही हैं।

यस बैंक के PCA में जाने से बचाने पर था फोकस

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