Get App

Yes Bank का बढ़ रहा मुनाफा, कारोबार में लौट रही स्थिरता; क्या SBI समेत अन्य लेंडर्स के एग्जिट का आ गया सही वक्त

Yes Bank में प्रमोटर्स की कोई हिस्सेदारी नहीं है और पूरी की पूरी 100 प्रतिशत हिस्सेदारी पब्लिक शेयरहोल्डर्स के पास है। अप्रैल-जून 2024 तिमाही के नतीजे जारी होने के बाद पिछले 5 दिनों में शेयर की कीमत 2 प्रतिशत कमजोर हुई है। ऐसा माना जा रहा है कि जून तिमाही के अच्छे नतीजों के बाद निवेशक यस बैंक शेयर से प्रॉफिट बुक कर रहे हैं। पिछले एक साल में शेयर की कीमत में करीब 47 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली

Edited By: Moneycontrol Newsअपडेटेड Jul 27, 2024 पर 1:14 PM
Yes Bank का बढ़ रहा मुनाफा, कारोबार में लौट रही स्थिरता; क्या SBI समेत अन्य लेंडर्स के एग्जिट का आ गया सही वक्त
डूबते हुए यस बैंक को बचाने के लिए SBI ने LIC और अन्य बैंकों के साथ मिलकर यस बैंक में 11,000 करोड़ रुपये डाले थे।

प्राइवेट सेक्टर का यस बैंक (Yes Bank) डूबने की कगार पर पहुंचने के बाद से अब तक काफी संभल चुका है। यह मुनाफे में लौट चुका है। वित्त वर्ष 2025 की अप्रैल-जून तिमाही में बैंक का स्टैंडअलोन शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 46.6 प्रतिशत बढ़कर 502.43 करोड़ रुपये हो गया। बैंक की कुल आय सालाना आधार पर 17.5 प्रतिशत बढ़कर 8918.14 करोड़ रुपये हो गई। तिमाही के दौरान एनपीए घटा और डिपॉजिट सालाना आधार पर लगभग 21 प्रतिशत बढ़े। इससे पहले मार्च 2024 तिमाही में बैंक का स्टैंडअलोन शुद्ध मुनाफा दोगुना बढ़कर 452 करोड़ रुपये हो गया था।

इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि यस बैंक की वित्तीय स्थिति मजबूत हो रही है और कारोबार में स्थिरता आ चुकी है। यह पुराने मैनेजमेंट से विरासत में मिले भारी बैड लोन को एक ARC (एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी) को बेचकर इससे पहले ही छुटकारा पा चुका है। ऐसे में बैंक को इनवेस्टर बनकर डूबने से बचाने वाले बैंक समूहों के एग्जिट करने का सही वक्त आ गया लग रहा है। नियम कहते हैं कि बैंक, दूसरे बैंकों में निवेश नहीं रख सकते हैं। लेकिन चूंकि यस बैंक को डूबने से बचाना जरूरी था, इसलिए बैंकों के कंसोर्शियम ने उसमें पैसे लगाए थे।

SBI की अगुवाई में हुआ था निवेश

बता दें कि यस बैंक मैनेजमेंट के तय वक्त के अंदर पुनरुद्धार योजना न ढूंढ पाने के चलते मार्च 2020 में RBI ने बैंक के बोर्ड को भंग कर दिया था और SBI के पूर्व CFO प्रशांत कुमार को एडमिनिस्ट्रेटर नियुक्त किया था। साथ ही SBI को यस बैंक में निवेश के लिए बेंकों का एक कंसोर्शियम बनाने को कहा था। इसके बाद SBI ने LIC और अन्य बैंकों के साथ मिलकर यस बैंक में 11,000 करोड़ रुपये डाले। यह भी निर्देश दिया गया कि यस बैंक के मौजूदा शेयरधारक अगले 3 साल तक अपनी शेयरहोल्डिंग्स का 75 प्रतिशत नहीं बेच सकते।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें