YES Bank Shares: यस बैंक के शेयरों में सोमवार 4 सितंबर को जोरदार उछाल आई। एनएसई पर दिन के कारोबार के दौरान एक समय स्टॉक 10 फीसदी से भी अधिक की उछाल के साथ 19 रुपये के भाव पर चला गया, जो इसका पिछले 7 महीनों का सबसे ऊंचा स्तर है। हालांकि बाद में इसमें थोड़ी गिरावट आई और कारोबार के अंत में यह 7.49% फीसदी बढ़कर 18.65 रुपये के भाव पर बंद हुआ। इससे पहले शुक्रवार 1 सितंबर को भी इसके शेयरों में करीब 3 फीसदी की तेजी आई थी। शेयरों की तेजी को वॉल्यूम से भी सपोर्ट मिला। एनएसई पर यस बैंक के आज करीब 64.7 करोड़ शेयरों का लेनदेन हुआ। यह इसके पिछले 6 महीनों के औसत ट्रेडिंग वॉल्यूम का करीब 6 गुना अधिक था।
आखिर यस बैंक के शेयरों में इतनी अधकि वॉल्यूम में क्यों ट्रेडिंग दिख रही है। दरअसल कुछ दिनों यस बैंक और सुभाष चंद्रा की अगुआई वाले एस्सेस ग्रुप (Essel Group) के बीच पिछले 2 सालों से जारी लड़ाई खत्म होने का संकेत मिला था। इसके तहत जेसी फ्लावर्स एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी (JC Flowers ARC) ने एस्सेल ग्रुप के साथ 6,500 करोड़ के बकाया कर्ज को लेकर एक समझौते पर सहमति जताई है। JC फ्लावर्स एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी, यस बैंक एसेट रिकंस्ट्रक्सनश सहयोगी फर्म है।
इस समझौते के तहत जेसी फ्लावर्स ने लोन की राशि में 75 प्रतिशत कटौती स्वीकार किया है। इसका मतलब है कि एस्सेस ग्रुप को अब तक अपनी संपत्तियों पर वापस कंट्रोल पाने के लिए 6,500 करोड़ रुपये का 25% यानी करीब 1,500 करोड़ रुपये चुकाने होंगे। इन संपत्तियों में डिश टीवी, जी लर्न और सेंट्रल दिल्ली में एक बंगले सहित 3 प्रॉपर्टीज शामिल है।
CNBC TV-18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सेटलमेंट की शर्तों के तहत पहले 30 दिनों के भीतर शुरुआती 15 प्रतिशत भुगतान करना है, वहीं बाकी 85 प्रतिशत अगले 6 महीनों में देना होगा। यहां ये बताना जरूरी है, JC फ्लावर्स एआरसी ने इससे पहले यस बैंक से डिस्काउंट रेट पर एसेट्स हासिल किया था। दिसंबर 2022 में हुई एक डील के तहत इसने यस बैंक के 48,000 से अधिक के लोन को करीब 11,183 करोड़ रुपये में खरीदा था।
यस बैंक के शेयर के हालिया प्रदर्शन की बात करें, तो पिछले एक महीने में बैंक का शेयर करीब 10.36 फीसदी बढ़ा है। हालांकि इस साल की शुरुआत से अबतक इसमें करीब 13.86 फीसदी की गिरावट आई है। वहीं इस साल की शुरुआत से अबतक इसने अपने निवेशकों को करीब 18.65 फीसदी का रिटर्न दिया है।