आईपीओ टलते ही अनलिस्टेड मार्केट में मची खलबली! 5 दिनों में 23% टूटा जेप्टो का शेयर, ऑल-टाइम हाई से 60% गिरा भाव

Zepto Unlisted Shares Price: ग्रे मार्केट के ट्रेडर्स के मुताबिक, जेप्टो के अनलिस्टेड शेयरों के थोक भाव में तेज गिरावट आई है। अनलिस्टेड मार्केट में जेप्टो का शेयर घटकर ₹27 प्रति शेयर पर आ गया है, जो एक हफ्ते पहले तक ₹35 था। करीब एक महीने पहले यह शेयर ₹38 के आसपास ट्रेड कर रहा था

अपडेटेड Aug 03, 2026 पर 3:23 PM
जेप्टो का अनलिस्टेड शेयर अपने रिकॉर्ड हाई से लगभग 60% टूट चुका है

Zepto Unlisted Share Price Fall: क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म जेप्टो के अनलिस्टेड शेयरों में अनऑफिशियल यानी ग्रे मार्केट में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। पिछले 5 कारोबारी सत्रों में जेप्टो के अनलिस्टेड शेयर 23% तक टूट चुके हैं। कंपनी द्वारा अपना आईपीओ फिलहाल टालने और छोटे प्री-आईपीओ फंडरेज का रास्ता चुनने के बाद ग्रे मार्केट में इसकी वैल्यूएशन घटकर 3.5 अरब डॉलर के नीचे आ गई है।

पीक लेवल से तुलना करें तो जेप्टो का अनलिस्टेड शेयर अपने रिकॉर्ड हाई से लगभग 60% टूट चुका है। आइए जानते हैं जेप्टो के शेयरों में गिरावट की क्या है वजह, वैल्यूएशन का गणित और कंपनी की फाइनेंशियल स्थिति।

68 रुपये से गिरकर 27 रुपये पर पहुंचा शेयर


ग्रे मार्केट के ट्रेडर्स के मुताबिक, जेप्टो के अनलिस्टेड शेयरों के थोक भाव में तेज गिरावट आई है। अनलिस्टेड मार्केट में जेप्टो का शेयर घटकर ₹27 प्रति शेयर पर आ गया है, जो एक हफ्ते पहले तक ₹35 था। करीब एक महीने पहले यह शेयर ₹38 के आसपास ट्रेड कर रहा था।

दिसंबर 2025 के पीक पर जेप्टो का अनलिस्टेड शेयर करीब ₹68 प्रति शेयर के स्तर पर पहुंच गया था। यानी अपने उच्चतम स्तर से यह शेयर अब तक करीब 60% टूट चुका है।

मार्केट कैप घटकर ₹34,000 करोड़ हुआ

जेप्टो के अपडेटेड DRHP में दिए गए फुली डाइल्यूटेड शेयर काउंट के आधार पर ₹27 के मौजूदा भाव पर कंपनी का मार्केट कैप घटकर लगभग ₹34,000 करोड़ यानी करीब $3.6 बिलियन रह गया है। पिछले महीने जब शेयर का भाव ₹38 था, तब इसकी इंप्लाइड वैल्यूएशन करीब $5 बिलियन थी। वहीं, दिसंबर 2025 के ऑल-टाइम हाई पर इसकी वैल्यूएशन $9 बिलियन के करीब पहुंच गई थी।

अक्टूबर-नवंबर 2025 में सीरीज H फंडिंग राउंड के दौरान शेयर अधिग्रहण की औसत लागत ₹37.74 प्रति शेयर थी। यानी अब अनलिस्टेड मार्केट में शेयर उस प्राइमरी इश्यू प्राइस से भी भारी डिस्काउंट पर ट्रेड हो रहे हैं।

आईपीओ टलने और वैल्यूएशन गैप ने बिगाड़ा खेल

कंपनी ने जुलाई में प्रस्तावित अपने आईपीओ को फिलहाल रोक दिया है। इसके बजाय कंपनी ₹1,000 करोड़ का प्री-आईपीओ प्लेसमेंट करने की तैयारी में है। मौजूदा शेयरधारक और कंपनी जहां $4.5 बिलियन की वैल्यूएशन की मांग कर रहे थे, वहीं घरेलू संस्थागत निवेशक (DIIs) $2.5 से $3 बिलियन की वैल्यूएशन ही देने को तैयार थे।निवेशकों और कंपनी के बीच वैल्यूएशन को लेकर इस बड़े अंतर की वजह से कंपनी को आईपीओ प्लान टालना पड़ा।

रेवेन्यू दोगुना, लेकिन घाटा भी बढ़ा

ऑपरेशन्स के मोर्चे पर जेप्टो की ग्रोथ मजबूत रही है, लेकिन लगातार बढ़ता घाटा निवेशकों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। FY25 में कंपनी का ऑपरेटिंग रेवेन्यू ₹11,109.95 करोड़ था जो FY26 में ₹22,623.58 करोड़ पहुंच गया। हालांकि पिछले वित्तीय वर्ष में जो नेट लॉस ₹4,699.71 करोड़ था वो इस ईयर ₹5,905.19 करोड़ हो गया है।

प्रति ऑर्डर कितना हो रहा है नुकसान?

ब्रोकर्स और एनालिस्ट्स की रिपोर्ट के अनुसार, जेप्टो का कैश बर्न अपने प्रतिस्पर्धियों की तुलना में काफी ज्यादा है। ब्रोकरेज फर्म जेफरीज के मुताबिक, FY26 में जेप्टो को प्रति ऑर्डर करीब ₹79 का घाटा हुआ है। इसके बावजूद, FY26 के अंत तक जेप्टो 1,139 डार्क स्टोर्स चला रही थी और रोजाना औसतन 17.5 लाख ऑर्डर प्रोसेस कर रही थी।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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