जेटवर्क मैन्युफैक्चरिंग बिजनेसेज (Zetwerk Manufacturing Businesses) के शुरुआती निवेशकों ने कंपनी के आईपीओ के जरिए बड़ा मुनाफा कमाया। इसके आईपीओ के तहत काई कैपिटल (Kae Capital), एस्सेल (Accel), पीक XV पार्टनर्स (Peak XV Partners) और लाइटस्पीड वेंचर्स पार्टनर्स (Lightspeed Venture Partners) समेत कई निवेशकों ने ₹₹2,182 करोड़ के शेयर बेचे हैं। ₹5012 करोड़ के आईपीओ के तहत इन निवेशकों ने प्रति शेयर ₹151 के भाव पर लगभग ₹1,215 करोड़ जुटाए हैं। जेटवर्क के को-फाउंडर्स अमित प्रतीक आचार्य और श्रीनाथ रामकृष्णन ने भी आईपीओ के जरिए अपने 1.42-1.42 करोड़ शेयर बेचे हैं लेकिन उनके शेयरों की औसत खरीद लागत बहुत कम है तो उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर उनके रिटर्न का सटीक गुणक निकालना मुश्किल है।
ऐसा नहीं है कि आईपीओ में शेयर बेचने वाले सभी को फायदा ही हुआ। प्रमोटर ग्रुप एंटिटी क्रेवोवेट इनोवेशन प्राइवेट लिमिटेड (Creovate Innovation Private Limited) को कंपनी के शेयर ₹178.58 के औसतन वेटेज कॉस्ट पर मिले थे यानी कि लगभग 2.30 करोड़ शेयरों को ₹151 के आईपीओ प्राइस से बेचने पर घाटा हुआ।
किसे मिला सबसे अधिक फायदा?
जेटवर्क के आईपीओ में ऑफर सेल विंडो के जरिए अपने निवेश पर सबसे अधिक फायदा काई कैपिटल फंड II और काल्यस्ता कैपिट फंड II (Kalysta Capital Fund II) ने पाया। काई को अपने शेयरों की बिक्री से करीब ₹190 करोड़ और काल्यस्ता को करीब ₹63 करोड़ मिले हैं, जबकि इन दोनों को ये शेयर ₹3.94 के औसत भाव पर मिले थे यानी कि इन्हें अपने निवेश पर करीब 38.3 गुना रिटर्न मिला। एस्सेल इंडिया V को कंपनी के शेयर ₹7.84 के औसतन वेटेज कॉस्ट पर मिला था यानी कि आईपीओ के जरिए करीब ₹172 करोड़ के शेयरों की बिक्री से इसे 19.3 गुना रिटर्न मिला।
Peak XV की 30वीं लिस्टिंग
जेटवर्क की लिस्टिंग Peak XV Partners के लिए काफी खास है क्योंकि आईपीओ के जरिए इसके पोर्टफोलियो की यह 30वीं लिस्टिंग रही। इससे पहले यह जोमैटो (Zomato), नायका (Nykaa), होनासा कंज्यूमर (Honasa Consumer), गो डिजिट जनरल इंश्योरेंस (Go Digit General Insurance) और इक्सिगो (Ixigo) जैसी कंपनियों से अपना निवेश निकाल चुकी है। हाल की ग्रो (Groww), पाइन लैब्स (Pine Labs) और मीशो (Meesho) जैसी लिस्टिंग ने भी भारतीय शेयर बाजार में इसकी मौजूदगी बढ़ाई है।
अब बात करतें है Peak XV Partners को जेटवर्क में निवेश पर कितना रिटर्न मिला। Peak XV Partners Investments V (पूर्व नाम SCI Investments V) ने औसतन प्रति शेयर ₹6.31 वेटेज कॉस्ट पर शेयर खरीदा था और अब लगभग 1.76 करोड़ शेयरों की बिक्री से आईपीओ प्राइस के आधार पर इसे करीब ₹266 करोड़ मिले और निवेश पर लगभग 23.9 गुना रिटर्न हासिल किया।
इसके अलावा Peak XV Partners Growth Investments III (पूर्व नाम SCI Growth Investments III) ने ₹46.30 के भाव पर शेयर हासिल किए थे। अब आईपीओ के जरिए करीब 58 लाख शेयरों की ₹151 के भाव पर बिक्री से इसे करीब ₹88 करोड़ मिले यानी कि निवेश पर करीब 3.3 गुना रिटर्न।
Lightspeed ने बेची कुछ हिस्सेदारी
लाइटस्पीज वेंचर पार्टनर्स ने आईपीओ के जरिए अपनी कुछ हिस्सेदारी हल्की की है। मनीकंट्रोल की एनालिसिस के मुताबिक लाइटस्पीड वेंचर पार्टनर्स सेलेक्ट IV मॉरीशस ने प्रति शेयर औसतन ₹54.66 के वेटेज कॉस्ट पर शेयर खरीदे थे और आईपीओ भाव के हिसाब से शेयरों की बिक्री से इसे करीब ₹204 करोड़ मिले। वहीं लाइटस्पीड इंडिया पार्टनर्स II ने ₹13.97 के भाव पर शेयर खरीदे थे और आईपीओ के जरिए शेयरों की बिक्री से करीब ₹175 करोड़ मिले। इस बिक्री से सेलेक्ट IV मॉरीशस को करीब ₹130 करोड़ और लाइटस्पीड इंडिया पार्टनर्स II को लगभग ₹159 करोड़ का ग्रास प्रॉफिट हुआ। इसके अलावा ऑफर फॉर सेल में लाइटस्पीड इंडिया पार्टनर्स III ने भी हिस्सा लिया। तीनों फंडों की कुल बिक्री को मिलाकर लाइटस्पीड को लगभग ₹427 करोड़ मिले। हालांकि तीसरे फंड की वेटेड एवरेज कॉस्ट के बारे में जानकारी नहीं है, तो कुल गेन कैलकुलेट नहीं किया जा सकता।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।