15 जनवरी को एक ब्लॉक डील में फूड एग्रीगेटर जोमैटो (Zomato) के 4.5 करोड़ शेयरों की बिक्री हुई। सौदा 622 करोड़ रुपये का रहा। सौदे के तहत शेयर किसने बेचे और किसने खरीदे, इसकी डिटेल पता नहीं चल पाई है। लेकिन इस डील के चलते जोमैटो के शेयरों को शुरुआती कारोबार में 5 प्रतिशत से ज्यादा तक की गिरावट झेलनी पड़ी। सुबह बीएसई पर जोमैटो का शेयर मामूली बढ़त के साथ खुला। लेकिन तुरंत ही इसने पिछले बंद भाव से 5 प्रतिशत की गिरावट देखी और 132.75 रुपये के लो तक आ गया।
कारोबार खत्म होने पर शेयर 4.44 प्रतिशत की गिरावट के साथ 133.40 रुपये पर सेटल हुआ। बीएसई पर जोमैटो स्टॉक का 52 सप्ताह का उच्च स्तर 141.55 और निचला स्तर 44.35 रुपये है। शेयर के लिए अपर प्राइस बैंड 20 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 167.50 और लोअर प्राइस बैंड 20% की गिरावट के साथ 111.70 रुपये है। पिछले 6 माह में शेयर ने 74 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी देखी है।
एनालिस्ट कैसा मानते हैं आउटलुक
ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म HSBC ने जोमैटो के शेयर के लिए 'बाय' रेटिंग दी है और टार्गेट प्राइस बढ़ाकर 150 रुपये प्रति शेयर कर दिया है। यह शेयर के 12 जनवरी को बंद भाव से 7.5 प्रतिशत ज्यादा है। एनालिस्ट्स का मानना है कि लॉन्ग टर्म के लिए Zomato मजबूत मालूम होता है। हालांकि यह भी कहा गया कि चूंकि जोमैटो क्विक कॉमर्स बिजनेस में प्रगति पर काफी ज्यादा निर्भर है, ऐसे में इस बिजनेस में किसी भी तरह की गिरावट जोमैटो के लिए एक बड़ा जोखिम है। Elara Securities ने भी जोमैटो शेयर के लिए 'बाय' रेटिंग दी है और टार्गेट प्राइस 150 रुपये प्रति शेयर रखा है।
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