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Zomato, Swiggy के डिलीवरी वर्कर्स को आखिर हर महीने कितनी होती है कमाई?

स्विगी और जोमैटो जैसे क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म के डिलीवरी वर्कर्स ने 31 दिसंबर को पे स्ट्रक्चर्स, इनसेंटिव्स और सोशल सिक्योरिटी को लेकर हड़ताल की थी। इससे गिग वर्कर्स का मसला लाइमलाइट में आ गया। इस पर लोगों के बीच बहस देखने को मिली

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 05, 2026 पर 3:47 PM
Zomato, Swiggy के डिलीवरी वर्कर्स को आखिर हर महीने कितनी होती है कमाई?
डिलीवरी पार्टनर्स फुल टाइम शिड्यूल सेलेक्ट कर सकते हैं, जिसकी शिफ्ट करीब 8 घंटों की होती है।

स्विगी, जोमैटो, ब्लिंकिट जैसी कंपनियों के ग्राहकों को 31 दिसंबर को दिक्कत का सामना करना पड़ा। इसकी वजह गिग वर्कर्स की हड़ताल थी। उन्होंने पे स्ट्रक्चर्स, इनसेंटिव्स और सोशल सिक्योरिटी को लेकर हड़ताल की थी। इस हड़ताल की वजह से गिग वर्कर्स का मसला लाइमलाइट में आ गया। इस पर लोगों के बीच बहस देखने को मिली। मनीकंट्रोल ने इस पूरे मसले को समझने की कोशिश की है।

 काम के घटों और ऑर्डर वैल्यू पर निर्भर करती है कमाई

मनीकंट्रोल ने इसके लिए कई डिलीवरी वर्कर्स, प्लेटफॉर्म एग्जिक्यूटिव्स और स्टाफिंग फर्मों से बातचीत की। इसके मुताबिक, आज डिलीवर वर्क में एंट्री लेवल पर ठीक कमाई हो जाती है। यह कई फॉर्मल सेक्टर की स्टार्टिंग अर्निंग्स के बराबर है या उससे ज्यादा है। हालांकि, अर्निंग्स ग्रोथ में काम के लंबे घटों और ज्यादा ऑर्डर वैल्यू का हाथ होता है। इस मॉडल में करियर ग्रोथ के लिए सीमित जगह बचती है।

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