हम हमेशा ये चाहते हैं कि हमारा शरीर काफी एक्टिव रहे , फिट दिखे, बीमारियों से भी दूर रहे लेकिन उसके बदले हम अपने शरीर को क्या देते हैं? खाने के बाद बस लेट जाना, या पूरा दिन एक कुर्सी से दूसरी कुर्सी तक बैठे रहते हैं।
शरीर को फिट रखने के लिए एक्टिव रहना जरूरी है इसलिए रोजना टहलना भी जरूरी है लेकिन ऐसे में एक छोटा सा सवाल हमारे सेहत के लिए बहुत बड़ा बदलाव ला सकता है कि क्या हमें खाने के बाद टहलना चाहिए या खाने से पहले?
सही समय पर की गई वॉक आपकी ब्लड शुगर, वजन, पाचन, और नींद को सीधा असर करती है। तो चलिए समझते हैं कि कौन सा वक्त आपके शरीर के लिए सही है।
सुबह उठते ही खाली पेट वॉक करना या खाना खाने के बाद हल्की वॉक करना दोनों के अपने फायदे हैं, लेकिन सही चुनाव आपकी जरूरत, हेल्थ गोल और टाइमिंग पर निर्भर करता है।
खाली पेट वॉक से शरीर पहले से जमा फैट को एनर्जी के रूप में इस्तेमाल करता है। इससे वजन घटाने में मदद मिलती है और इंसुलिन की संवेदनशीलता बेहतर होती है जो डायबिटीज के लिए बेहद जरूरी है। यह सुबह-सुबह दिमाग को भी ज्यादा तेज और फोकस्ड करता है।
सुबह बिना कुछ खाए वॉक करना फैट बर्निंग जोन में ले जाता है। साथ ही, खुली हवा, सूरज की हल्की रोशनी और शांत वातावरण दिमाग को तनाव से मुक्त करता है और एक अच्छे दिन को शुरू करने का आदर्श तरीका है।
खाने के बाद की वॉक को अक्सर हल्के में लिया जाता है, लेकिन यह ब्लड शुगर को तेजी से नियंत्रण में लाने में मदद करती है। रिसर्च बताते हैं कि खाने के बाद सिर्फ 10–15 मिनट की वॉक से शुगर लेवल कम होता है और पाचन बेहतर होता है।
2022 की एक स्टडी के अनुसार, खाने के बाद की वॉक डायबिटीज से जूझ रहे लोगों के लिए दवा जितनी ही असरदार साबित हो सकती है। यह शरीर में मौजूद ग्लूकोज को मसल्स तक पहुंचाने में मदद करता है जिससे ब्लड शुगर स्पाइक नहीं करता।
अगर आप खाना खाने के बाद अक्सर भारीपन, गैस या सुस्ती महसूस करते हैं तो ये संकेत हैं कि पाचन सुस्त है। खाने के 10 मिनट बाद धीमी चाल में वॉक करने से भोजन पेट से आंतों तक धीरे-धीरे जाता है, जिससे ब्लोटिंग और गैस कम होती है।
रात के खाने के बाद हल्की वॉक करने से पाचन बेहतर होता है, ब्लड सर्कुलेशन सुधरता है और नींद जल्दी आती है। स्क्रीन देखने की बजाय परिवार के साथ वॉक करना दिमाग को भी रिलैक्स करता है।
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