मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में स्थित कूनो नेशनल पार्क में अफ्रीकी देश नामीबिया से लाए गए 8 चीतों के नाम सामने आ गए हैं। 8 चीतों के नाम ओबान, बिल्सी, फ्रेडी, सावन्नाह, आशा, सिबली, सैसा और साशा हैं। एक मादा चीते का नाम 'आशा' प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद रखा है। आशा लगभग 4 साल की है। जबकि, बाकी अन्य चीतों के नाम नामीबिया में ही रखे गए थे।
नामीबिया से विशेष विमान से लाए गए इन 8 चीतों को कूनो नेशनल पार्ट में 17 सितंबर की सुबह को छोड़ा गया। इसके साथ ही यह पार्क पूरी दुनिया में सुर्खियों में आ गया है। इन 8 चीतों में से 5 मादा और 3 नर हैं।
प्रधानमंत्री मोदी एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने 1952 में भारत में विलुप्त हुए चीतों की आबादी को फिर से बसाने की परियोजना के तहत इस पार्क के विशेष बाड़ों में छोड़ा और उस समय ये सहमे हुए नजर आ रहे थे। हालांकि, बाद में टहलने लगे थे।
भारत में 7 दशक पहले विलुप्त हुए चीतों की आबादी को फिर से बसाने की परियोजना के तहत नामीबिया से लाकर मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले स्थित कूनो नेशनल पार्ट में शनिवार को छोड़े गए सभी आठों चीते रविवार को अधिकांश समय अपने-अपने विशेष बाड़े में विचरण एवं आराम करते हुए नजर आए।
इससे लगता है कि वे धीरे-धीरे अपने नए परिवेश के वातावरण में ढल रहे हैं। इनकी निगरानी एवं अध्ययन कर रहे विशेषज्ञों ने बताया कि इसके अलावा, दूसरे दिन भी ये सभी चीते अपने नए बसेरे को बड़ी उत्सुकता से निहारते रहे और स्वस्थ एवं तंदुरूस्त दिखे।
उन्होंने कहा कि इन सभी को विशेष बाड़ों में एक महीने के लिए क्वारंटीन पर रखा गया है और इन्होंने वहां रखा हुआ आज पानी भी पिया। भारत और नामीबिया के पशु चिकित्सक और एक्सपर्ट इन पर कड़ी नजर रख रहे हैं। एक महीने तक चलने वाले क्वारंटीन की अवधि के दौरान उन्हें भैंस का मांस देने पर काम कर रहे हैं।