COP27: 'क्लाइमेट कैश' की मांग को लेकर तेज हुआ विरोध-प्रदर्शन, कार्यकर्ताओं ने की जलवायु नुकसान की भरपाई करने की मांग, देखें तस्वीरें

COP27: मिस्र में आयोजित सीओपी27 जलवायु शिखर सम्मेलन (COP27 climate summit in Egypt) के दौरान दुनिया भर के कार्यकर्ता पारंपरिक पोशाक पहनकर जलवायु नुकसान की भरपाई करने की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। कार्यकर्ता मांग कर रहे हैं कि औद्योगिक देश (Industrialised Nations) जलवायु परिवर्तन (Climate Change) के कारण होने वाले विनाश के लिए भुगतान करें।

अपडेटेड Nov 15, 2022 पर 17:04
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COP27: मिस्र में जारी COP27 जलवायु शिखर सम्मेलन में दर्जनों जलवायु कार्यकर्ताओं ने 14 नवंबर को सबसे कमजोर देशों में जलवायु परिवर्तन के कारण हुए विनाश के लिए भुगतान करने के लिए पश्चिमी औद्योगिक देशों (Western Industrialised Nations) पर दबाव डालने का विरोध किया।
COP27: मिस्र में जारी COP27 जलवायु शिखर सम्मेलन में दर्जनों जलवायु कार्यकर्ताओं ने 14 नवंबर को सबसे कमजोर देशों में जलवायु परिवर्तन के कारण हुए विनाश के लिए भुगतान करने के लिए पश्चिमी औद्योगिक देशों (Western Industrialised Nations) पर दबाव डालने का विरोध किया।

COP27: मिस्र में जारी COP27 जलवायु शिखर सम्मेलन में दर्जनों जलवायु कार्यकर्ताओं ने 14 नवंबर को सबसे कमजोर देशों में जलवायु परिवर्तन के कारण हुए विनाश के लिए भुगतान करने के लिए पश्चिमी औद्योगिक देशों (Western Industrialised Nations) पर दबाव डालने का विरोध किया।

COP27 सम्मलेन में द्वीप राष्ट्रों ने मांग की है कि जलवायु परिवर्तन (Climate Change) से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए बने कोष में भारत और चीन भी योगदान दें। अभी तक ऐसी मांग भारत, चीन और अन्य विकासशील देश विकसित देशों से करते आए हैं।

COP27: ज्यादातर कार्यकर्ताओं ने सफेद टी-शर्ट पहनी थी। साथ ही जेल में बंद कार्यकर्ताओं की दुर्दशा को उजागर करने के लिए अपने हाथों को बांध लिया था या अपने मुंह के चारों ओर कपड़े का एक टुकड़ा बांध रखा था।

COP27: भारत ने सीओपी 27 में जोर दिया कि विकासशील देशों को अपने महत्वाकांक्षी लक्ष्यों को पूरा करने के लिए प्रति वर्ष 100 अरब डॉलर के स्तर से जलवायु वित्त में पर्याप्त वृद्धि और अमीर देशों को संसाधनों को इकट्ठा करने के लिए नेतृत्व करने की जरूरत है।

COP27: भारत सहित विकासशील देश, अमीर देशों को एक नए वैश्विक जलवायु वित्त लक्ष्य को लेकर सहमत होने के लिए प्रेरित कर रहे हैं जिसे जलवायु वित्त पर नए सामूहिक मात्रात्मक लक्ष्य (NCQC) के रूप में भी जाना जाता है। विकासशील देशों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के अनुकूल कदम के लिए लागत में बढ़ोतरी के मद्देनजर रकम बढ़नी चाहिए।