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Russia Ukraine War: पहले खुफिया जासूस, फिर प्रधानमंत्री और अब राष्ट्रपति, कैसे दुनिया के सबसे ताकतवर व्यक्ति बने व्लादिमीर पुतिन

Russia Ukraine War: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) ने यूक्रेन के खिलाफ विशेष सैन्य अभियान की घोषणा की, जिसके बाद यूक्रेन के कई शहरों पर रूस की तरफ से मिसाइल हमले किए गए। साथ पुतिन ने बेलारूस के जरिए, समुद्र और वायु सेना के जरिए यूक्रेन रूसी सैनिकों को भी भेजा, जानिए कैसे एक जासूस बना रूस का राष्ट्रपति...

MoneyControl News
अपडेटेड Feb 24, 2022 पर 21:22
Russia Ukraine War: पहले खुफिया जासूस, फिर प्रधानमंत्री और अब राष्ट्रपति, कैसे दुनिया के सबसे ताकतवर व्यक्ति बने व्लादिमीर पुतिन

व्लादिमीर पुतिन का जन्म 1952 में सेंट पीटर्सबर्ग में हुआ था। 1975 में पुतिन रूसी गुप्त एजेंसी KGB में शामिल हुए। 1990 तक उन्होंने KGB में आधिकारिक रूप से काम किया। सोवियत संघ के पतन के बाद, उन्हें क्रेमलिन की तरफ से नियोजित किया गया था।

बोरिस येल्तसिन की अध्यक्षता में 1999 में व्लादिमीर पुतिन ने एक साल तक प्रधानमंत्री पद संभाला। साल 2000 में पुतिन रूस के राष्ट्रपति बने और तब से आज तक वे रूस की सत्ता पर बने हुए हैं।

रूस यूरोपीय संघ के सबसे बड़े सप्लायर्स में से एक है और यूरोप का ज्यादातर भाग गैस की सप्लाई के लिए रूस पर ही निर्भर है, जिसका उसे सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय लाभ मिलता है।

रूस का संविधान कहता है कि कभी भी एक व्यक्ति एक साथ दो कार्यकालों में देश का राष्ट्रपति नहीं बन सकता, ऐसे में पुतिन ने प्रधानमंत्री दिमित्री मेदवेदेव के साथ पद में स्थानों की अदला बदली की थी।

व्लादिमीर पुतिन जब 2012 में फिर से रूस के राष्ट्रपति बने इसके महज दो साल बाद 2014 में उन्होंने क्रीमिया पर कब्जा कर लिया था। रूस के इस कदम के अब करीब आठ साल बाद पुतिन ने यूक्रेन पर हमले के आदेश दिए।

पुतिन 2013 से 2016 के बीच चार बार दुनिया के सबसे ताकतवर व्यक्ति का दर्जा पा चुके हैं।

व्लादिमीर पुतिन पर 2017 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में हस्तक्षेप करने का आरोप लगा था। इस चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप ने जीत हासिल की थी। चुनाव के बाद ट्रंप और पुतिन दोनों ने ही इन आरोपों से इनकार किया था।

मार्च 2018 में पुतिन चौथे कार्यकाल के लिए रूस के राष्ट्रपति गए।

जनवरी 2020 में पुतिन ने संवैधानिक बदलावों का प्रस्ताव रखा, जिससे उन्हें राष्ट्रपति पद छोड़ने के बाद भी देश की सत्ता पर अपनी पकड़ बढ़ाने की ताकत मिल जाएगी। पुतिन को 2024 में राष्ट्रपति पद छोड़ना होगा।

अमेरिका में वरिष्ठ खुफिया अधिकारियों ने हाल ही में दावा किया है कि पुतिन अखंड रूसी साम्राज्य बनाना चाहते हैं और इसी कोशिश में वे एक बार फिर से यूक्रेन को रूस में मिलाना चाहते हैं। कुछ दिन पहले पुतिन ने यूक्रेन को रूस का मुकट गहना करार दिया था।

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