भारतीय रिटेल सेक्टर, विशेष रूप से टियर 2, टियर 3 और टियर 4 शहरों में, बढ़ते उपभोक्ता खर्च और बढ़ती प्रयोज्य इनकम के जरिए समर्थित आर्थिक विकास को आगे बढ़ा रहा है डीमैट खाताधारकों की संख्या में बढ़ोतरी शेयर बाजार में बढ़ती रिटेल भागीदारी को दर्शाती है, जो वित्तीय समावेशन और निवेश साक्षरता की दिशा में व्यापक रुझान का संकेत है
अपडेटेड Apr 29, 2024 पर 10:05 PM