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किराए से होने वाली आमदनी पर ली जा सकती है इनकम टैक्स की छूट

स्टैंडर्ड डिडक्शन क्लेम करने के लिए प्रॉपर्टी मालिक को रिपेयर या मेंटेनेंस पर हुए खर्च का वाउचर देना होगा
अपडेटेड Jun 03, 2021 पर 16:51  |  स्रोत : Moneycontrol.com

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने किराए पर दी गई प्रॉपर्टी पर उसके मालिक के लिए कुछ छूट की सिफारिश की है। इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने पर टैक्सपेयर को सही तरीके से इनकम टैक्स कैलकुलेटर का इस्तेमाल करना चाहिए क्योंकि ग्रॉस रेंटल इनकम कुल सालाना किराए में से म्यूनिसिपल टैक्स को घटाकर निकाली जाती है।


इसके अलावा प्रॉपर्टी मालिक ग्रॉस रेंटल इनकम पर भी 30 प्रतिशत स्टैंडर्ड डिडक्शन का पात्र होगा।


टैक्स एक्सपर्ट्स ने बताया कि इनकम टैक्स एक्ट के तहत कुल एनुअल रेंट को प्रॉपर्टी मालिक की रेंटल इनकम नहीं माना जाता। इसमें से चुकाए गए म्यूनिसिपल टैक्स को घटाया जाता है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ग्रॉस रेंटल इनकम पर 30 पर्सेंट तक स्टैंडर्ड डिडक्शन की अनुमति देता है। स्टैंडर्ड डिडक्शन को प्रॉपर्टी मालिक प्रॉपर्टी के रेनोवेशन या मेंटेनेंस के लिए क्लेम कर सकता है।


स्टैंडर्ड डिडक्शन क्लेम करने के लिए प्रॉपर्टी मालिक को रिपेयर या मेंटेनेंस पर खर्च को दिखाने वाला वाउचर देना होगा।


अगर प्रॉपर्टी मालिक ने प्रॉपर्टी खरीदने के लिए लोन लिया है तो वह लोन पर चुकाए गए टैक्स को स्टैंडर्ड डिडक्शन में क्लेम कर सकता है। हालांकि, स्टैंडर्ड डिडक्शन के लिए ग्रॉस रेंटल इनकम का 30 प्रतिशत से अधिक स्टैंडर्ड डिडक्शन के तौर पर क्लेम नहीं किया जा सकता।


किराए पर दी गई प्रॉपर्टी पर इनकम टैक्स में छूट लेने के लिए रिटर्न भरते हुए सतर्कता बरतने की जरूरत है।


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