Amazon: ई-कॉमर्स कंपनियां अपनी सेवाएं लगातार बेहतर और तेज बना रही हैं। दुनियाभर में फेमस ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म अमेजन इसी दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। अब कंपनी ड्रोन के जरिए स्मार्टफोन जैसी चीजों की डिलीवरी कर रही है। दावा है कि डिलीवरी सिर्फ 60 मिनट या उससे भी कम समय में हो सकती है। फिलहाल अमेरिका के कुछ चुनिंदा इलाकों में यह सर्विस शुरू की गई है। हालांकि भारत में ये सुविधा कब शुरू होगी इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई है।
इस सर्विस का इस्तेमाल करना बहुत ही आसान है। जब आप Amazon.com या Amazon ऐप से कोई सामान खरीदते हैं और अगर आप उस इलाके में रहते हैं जहां ड्रोन डिलीवरी की सुविधा उपलब्ध है और आपका सामान 5 पाउंड (करीब 2.2 किलो) से कम वजन का है तो चेकआउट करते समय आपको यह ऑप्शन दिखाई देगा। ऑर्डर करने के बाद, Amazon का ड्रोन उड़कर आपका सामान लेकर आएगा और एक घंटे से कम समय में आपको सुरक्षित तरीके से डिलीवर कर देगा।
Amazon को अब FAA (फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन) से यह मंजूरी मिल गई है कि वह ड्रोन से और भी ज्यादा चीजें डिलीवर कर सकता है। अब कंपनी ड्रोन के जरिए 60,000 से भी ज्यादा आइटम्स की डिलीवरी कर सकती है। इनमें Apple iPhone, Samsung Galaxy फोन, Apple AirTags, AirPods और Ring Doorbells जैसे पॉपुलर गैजेट्स शामिल हैं।
Amazon ने इस ड्रोन डिलीवरी को संभव बनाने के लिए पिछले दो सालों में खास डिजिटल मैप तैयार किए हैं। इन मैप की मदद से ड्रोन यह पहचान पाते हैं कि सामान को कहां सुरक्षित उतारा जा सकता है। ऐसे डिलीवरी पॉइंट्स को चुना जाता है जहां पेड़ या इमारत जैसी कोई रुकावट न हो। कस्टमर खुद तय कर सकते हैं कि सामान ड्राइववे, बैकयार्ड या घर के किसी और हिस्से में पहुंचाया जाए। ड्रोन उस जगह को याद रखता है और अगली बार भी वहीं डिलीवरी करता है।
बारिश में भी करेगी डिलीवर?
MK30 नाम का नया ड्रोन अब डिलीवरी के लिए जगह पहचानने के लिए किसी फिजिकल QR कोड पर निर्भर नहीं करता। इसकी जगह, यह ड्रोन अब सैटेलाइट डेटा और रियल-टाइम सेंसर की मदद से सही और सुरक्षित जगह पहचानता है। ये ड्रोन जमीन से करीब 13 फीट ऊपर उड़ता है और पैकेज को नीचे छोड़ने से पहले यह देखता है कि नीचे कोई पालतू जानवर, इंसान या गाड़ी तो नहीं है। अमेजन की ड्रोन सेवा हल्की बारिश में तो उड़ सकते हैं, लेकिन अगर मौसम ज्यादा खराब हो तो कंपनी ड्रोन नहीं भेजेगी। इसके लिए सिस्टम 75 मिनट का मौसम पूर्वानुमान देखता है और तभी फैसला करता है कि डिलीवरी भेजनी है या नहीं।