इंडिया में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) की मैन्युफैक्चरिंग से चीन पर उसकी निर्भरता और बढ़ जाएगी। यह निर्भरता रॉ मैटेरियल, मिनरल प्रोसेसिंग और बैटरी प्रोडक्शन के मामले में होगी। Global Trade Research Initiative (GTRI) कि रिपोर्ट में यह बात कही गई है। जीटीआरई एक थिंकटैंक है। इसमें यह भी कहा है कि EV सेक्टर को इलेक्ट्रिक गाड़ियों के उत्पादन और इस्तेमाल से पर्यावरण पर पड़ने वाले असर को समझने की भी जरूरत है। बैटरी बनाने में प्रदूषण बढ़ाने वाले कई तत्व निकलते हैं। बैटरी को चार्ज करने और उसके निस्तारण (Disposal) का असर भी पर्यावरण पर पड़ेगा।
