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क्या इलेक्ट्रिक व्हीकल्स से कम नहीं होगा कार्बन उत्सर्जन? इसीलिए, हाइब्रिड कारों पर दांव लगा रही Maruti Suzuki

चीन और अमेरिका की तुलना में भारत की इलेक्ट्रक कारों की ओर शिफ्ट होने की गति धीमी है। हालांकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2070 तक भारत को नेट जीरो कार्बन उत्सर्जन करने वाला देश बनाने की प्रतिबद्धता जाहिर की है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jun 27, 2022 पर 11:51 AM
क्या इलेक्ट्रिक व्हीकल्स से कम नहीं होगा कार्बन उत्सर्जन? इसीलिए, हाइब्रिड कारों पर दांव लगा रही Maruti Suzuki
मारुति सुजूकी के चेयरमैन आर सी भार्गव ने कहा कि इलेक्ट्रिक कारों की तुलना में हाइब्रिड टेक्नोलॉजी, नैचुरल गैस और बायोफ्यूल से चलने वाली गाड़ियां एक स्वच्छ भविष्य का मार्ग प्रशस्त करती हैं

Maruti Suzuki India Ltd : भारत में हर दूसरी कार बेचने वाली मारुति सुजुकी इंडिया लि. का मानना है कि कार्बन उत्सर्जन में गिरावट का समाधान सिर्फ इलेक्ट्रिक व्हीकल नहीं हैं। दुनिया में सबसे ज्यादा ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जित करने वाले तीसरे बड़े देश के लिए फिलहाल तो यही हकीकत है।

मारुति सुजुकी के चेयरमैन आर सी भार्गव ने ब्लूमबर्ग को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि इलेक्ट्रिक कारों की तुलना में हाइब्रिड टेक्नोलॉजी, नैचुरल गैस और बायोफ्यूल से चलने वाली गाड़ियां एक स्वच्छ भविष्य का मार्ग प्रशस्त करती हैं। इसकी वजह यह है कि देश में 75 फीसदी बिजली कोयले से बनती है।

सभी तकनीक का इस्तेमाल करना है जरूरी

भार्गव ने कहा, देश में बनने वाली बिजली पर गौर किए बिना इलेक्ट्रिक कारों की बात करना इस समस्या के प्रति छोटी सोच है। उन्होंने कहा, “जब तक हमारे पास स्वच्छ ग्रिड पावर नहीं हो, तब तक किसी एक प्रौद्योगिकी पर जोर दिए बिना सीएनजी, एथेनॉल, हाइब्रिड और बायोगैस जैसी सभी उपलब्ध प्रौद्योगिकियों का इस्तेमाल करना जरूरी है। इससे कार्बन फुटप्रिंट में कमी लाने में मदद मिलेगी।”

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