महंगी लग्जरी और किफायती कारों की मांग घटी, SUV ने ग्राहकों का जीता दिल

2024 के आखिरी छह महीनों में महंगी और बजट रेंज की कई कारों की बिक्री में गिरावट आई है। इनमें टोयोटा वेलफायर, स्कोडा सुपर्ब, रेनो क्विड, और मारुति सियाज शामिल है। वहीं SUV सेगमेंट की बढ़ती मांग और नई कारों के मुकाबले पुराने मॉडल्स की बिक्री प्रभावित हुई। कंपनियों को इन बदलावों के लिए नई रणनीतियां अपनानी होगी

अपडेटेड Jan 18, 2025 पर 12:20 PM
Story continues below Advertisement
क्यों नहीं बिक रही लग्जरी कारें?

साल 2024 के आखिरी छह महीनों में कार उद्योग में एक दिलचस्प मामला देखने को मिला है। कुछ कार मॉडल्स की बिक्री में भारी गिरावट आई। इनमें इन कारों में से कुछ तो महंगे लग्जरी मॉडल्स भी शामिल थे, जैसे टोयोटा वेलफायर, स्कोडा सुपर्ब, और टोयोटा कैमरी शामिल थे। जिनकी कीमत लाखों में है। वहीं, कुछ बजट रेंज की कारें जैसे रेनो क्विड और मारुति सियाज भी बिक्री में कमी आई है। इससे पता चलता है कि पहले जो कारें बाजार में खूब बिकती थीं। अब उनकी मांग में गिरावट आ रही है।

यह न सिर्फ कार निर्माताओं के लिए चिंता का विषय है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि ग्राहकों की पसंद में बदलाव आ रहा है। आइए, जानते हैं इन सबसे कम बिकने वाली कारों के बारे में और उनकी बिक्री में गिरावट के कारण।

क्यों नहीं बिक रही लग्जरी कारें?


साल 2024 में कई महंगे मॉडल्स, जैसे टोयोटा वेलफायर (1.22 करोड़ रुपये), स्कोडा सुपर्ब (54 लाख रुपये) और हुंडई आयोनिक 5 (46 लाख रुपये), बहुत कम बिके। इनकी ऊंची कीमतें और सीमित ग्राहकों का आधार इनकी बिक्री को प्रभावित कर रहा है। हालांकि ये कारें गुणवत्ता में बेहतरीन हैं, लेकिन महंगे दाम और बढ़ता कॉम्पिटिशन इनकी बिक्री को कम कर रहे हैं।

बजट कारों की बिक्री भी रही कमजोर

कुछ बजट कारों जैसे रेनो क्विड (4.70 लाख रुपये), मारुति सियाज (9.40 लाख रुपये), और महिंद्रा मराजो (14.59 लाख रुपये) की बिक्री में भी गिरावट आई है। खासकर, रेनो क्विड जैसी सस्ती कार जो पहले ग्राहकों में काफी लोकप्रिय थी, अब वह दूसरे ब्रांड्स के मुकाबले पिछड़ रही है। ग्राहकों का ध्यान अब मारुति ऑल्टो K10, सेलेरियो, और एस-प्रेसो जैसी कारों की ओर जा रहा है, जिनकी कीमत भी सस्ती है और इनमें बेहतर फीचर्स भी हैं।

SUVs का बढ़ता आकर्षण

इन दिनों SUV सेगमेंट में बड़ी तेजी देखने को मिल रही है। महिंद्रा मराजो जैसी 7-सीटर कारों को अब मारुति अर्टिगा, किआ कैरेंस और टोयोटा रुमियन जैसी कारों से कड़ी टक्कर मिल रही है। ग्राहकों का झुकाव अब ज्यादा स्पेशियस और पॉवरफुल SUVs की ओर बढ़ चुका है, जिससे पारंपरिक सेडान और हैचबैक कारों की बिक्री प्रभावित हो रही है।

नई कारों का बढ़ता कॉम्पिटिशन

मार्केट में हर तीन महीने में नए मॉडल्स और वर्शन की एंट्री हो रही है, जिससे पुरानी कारों की बिक्री पर दबाव बढ़ रहा है। टाटा टियागो जैसी कार की बिक्री में मामूली गिरावट आई, लेकिन कंपनी ने इसका नया मॉडल लॉन्च किया है। इसी तरह, होंडा सिटी और एस-प्रेसो की बिक्री में उतार-चढ़ाव रहा है, जो संकेत देता है कि इन कारों को जल्द ही अपडेट किया जा सकता है।

2024 के अंत में, कार बाजार में कई पुरानी और महंगी कारों की बिक्री में गिरावट आई है, जबकि SUVs और बजट फ्रेंडली मॉडल्स की मांग बढ़ी है। इन कारों को अपने कॉम्पीटीटर से मुकाबला करने के लिए नई स्ट्रेटेजी अपनानी होंगी, ताकि 2025 में वे बाजार में अपनी स्थिति बनाए रख सकें।

Maruti Suzuki ने पहली इलेक्ट्रिक SUV e VITARA से उठाया पर्दा, मिलेंगे कई एडवांस्ड फीचर्स

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।