भारत में जल्द ही सभी मोबाइल हैंडसेट, टैबलेट्स, लैपटॉप, इयर पॉड्स और स्मार्ट वाच के लिए कॉमन चार्जिंग पोर्ट जरूरी हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक कंज्यूमर अफेयर मंत्रालय (consumer affairs ministry) ने अपनी रिपोर्ट में कॉमन चार्जर लागू करने की सिफारिश की है। अलग-अलग कंपनी और मॉडल के मोबाइल, टैबलेट्स, लैपटॉप आदि लेने के बाद उसके चार्जर और चार्जिंग पोर्ट को लेकर अक्सर कंज्यूमर्स के मन में चिंता नजर आती है। कंज्यूमर्स की इन्हीं चिंताओं को दूर करने के लिए कंज्यूमर अफेयर्स मिनिस्ट्री ने इस सिलसिले में आईटी मंत्रालय को अपनी रिपोर्ट दी है।
इस खबर ज्यादा डिटेल्स बताते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के असीम मनचंदा ने कहा कि देशवासियों के लिए उनके गैजेट्स को लेकर एक अच्छी खबर हैं। अब सभी गैजेट्स के लिए कॉमन चार्जिंग पोर्ट जरूरी होगा। इसके तहत मोबाइल, ईयर पॉड्स, स्मार्टवॉच के लिए कॉमन चार्जिंग पोर्ट की सुविधा ग्राहकों को मिल सकती है। यहां तक कि टैबलेट्स, लैपटॉप के लिए भी एक ही चार्जिंग पोर्ट जरूरी हो सकता है।
असीम ने आगे कहा कि गैजेट्स के लिए कॉमन चार्जिंग पोर्ट लागू करने की सिफारिश की गई है। कंज्यूमर अफेयर्स मंत्रालय की कमेटी ने कॉमन चार्जिंग पोर्ट लागू करने सिफारिश की है। इस पर अध्ययन करने के बाद कमेटी ने अपनी रिपोर्ट IT मंत्रालय को सौंपी है। इस रिपोर्ट में कमेटी ने जून 2025 तक इसे लागू करने की सिफारिश की है।
असीम मनचंदा ने कहा कि आईफोन बनाने वाली एपल ने कॉमन चार्जिंग पोर्ट को सहमति दी है। अब IT मंत्रालय को इसके लिए फ्रेमवर्क जारी करना है। इस सिलसिले में सभी स्टेकहल्डर के साथ विस्तार में चर्चा हो चुकी है। इससे हर उत्पाद के साथ नया चार्जर नहीं लेना होगा। इससे ग्राहकों का पैसा बचेगा। इतना ही नहीं इससे ई वेस्ट की समस्या में भी कमी आयेगी। बता दें कि EU ने दिसंबर 2024 तक कॉमन चार्जर लागू करने का नोटिफिकेशन जारी किया है।