Android, iPhone और Windows यूजर्स हो जाएं अलर्ट, सरकार ने जारी की है चेतावनी; डिवाइस में लग सकती है सेंध

चेतावनी सैकड़ों क्वालकॉम प्रोसेसर्स के लिए है, जिनका इस्तेमाल फ्लैगशिप, मिड-रेंज और एंट्री-लेवल Android डिवाइसेज में किया जाता है। CERT-In ने क्वालकॉम चिपसेट वाले सभी Android यूजर्स से अपील की है कि वे डिवाइस में सॉफ्टवेयर अपडेट की तुरंत जांच करें

अपडेटेड Jun 06, 2025 पर 6:32 PM
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कमजोरियां या खामियां साइबर अटैकर्स को डिवाइस को रिमोटली हाइजैक करने, यूजर्स की जासूसी करने या संवेदनशील डेटा लीक करने का मौका दे सकती हैं।

iPhone, एंड्रॉइड स्मार्टफोन और विंडोज के यूजर्स सावधान हो जाएं। सरकार ने एक गंभीर चेतावनी जारी की है और अगर आपने इस पर ध्यान नहीं दिया तो नुकसान उठाना पड़ सकता है। भारत की कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) की ओर से जारी चेतावनी क्वालकॉम प्रोसेसर को लेकर है। कहा गया है कि क्वालकॉम चिपसेट में कई गंभीर सुरक्षा कमजोरियां (Vulnerabilities) हैं, जिन्हें अगर यूं ही अनपैच छोड़ दिया गया तो पूरी डिवाइस खतरे में आ सकती है।

चेतावनी में कहा गया है कि OnePlus, Samsung, Oppo, Vivo, Realme, Xiaomi सहित अन्य लोकप्रिय स्मार्टफोन ब्रांड्स के यूजर्स के साथ-साथ Apple iPhone यूजर भी प्रभावित हो सकते हैं। जिन इश्यूज के चलते साइबर अटैकर डिवाइस में सेंध लगा सकते हैं, वे इस तरह हैं...

  • मनमाना कोड एग्जीक्यूट करना
  • सर्विस से इनकार (DoS) की स्थिति पैदा करना
  • संवेदनशील जानकारी की एक्सेस देना या उसे लीक करना

प्रभावित चिपसेट और डिवाइस


चेतावनी सैकड़ों क्वालकॉम प्रोसेसर्स के लिए है, जिनका इस्तेमाल फ्लैगशिप, मिड-रेंज और एंट्री-लेवल Android डिवाइसेज में किया जाता है। ये चिपसेट फोन, टैबलेट, वियरेबल्स, स्मार्ट डिस्प्ले, ऑटोमोटिव प्लेटफॉर्म और IoT यानि इंटरनेट ऑफ थिंग्स डिवाइस में पाए जाते हैं। कुछ बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होने वाले चिपसेट हैं—

स्नैपड्रैगन 8 जनरेशन 1 / 8 जनरेशन 2 / 8 जनरेशन 3

स्नैपड्रैगन 865 / 870 / 888 / 778G / 782G / 7c+ जनरेशन 3

स्नैपड्रैगन 695/ 750G / 732G / 730G / 720G / 662

स्नैपड्रैगन 480 / 460 / 439 / 429 / 625 / 630 / 636 / 660

स्नैपड्रैगन W5+ जनरेशन 1, XR2, XR2+ जनरेशन 1, फास्टकनेक्ट 7800

कुछ अन्य क्वालकॉम चिपसेट QCM, QCN, SA, QCA, और WCN फैमिली से भी हैं। क्वालकॉम X65, X70 और X75 5G मॉडेम भी इस लिस्ट में शामिल हैं, जो Apple iPhones में भी पाए जाते हैं।

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क्यों हैं ये कमजोरियां

ये कमजोरियां या (Vulnerabilities) क्वालकॉम चिपसेट के फर्मवेयर और मेमोरी हैंडलिंग प्रक्रियाओं में सुरक्षा खामियों से पैदा होती हैं। क्वालकॉम के SoC प्लेटफॉर्म की जटिलता और इसके स्केल को देखते हुए, अनचेक्ड इनपुट, असुरक्षित मेमोरी एक्सेस और अनुचित प्रिवलेज एस्केलेशन जैसे इश्यूज, एक्सप्लॉइट किए जाने पर बड़े जोखिम पैदा कर सकते हैं।

ऐसी कमजोरियां या खामियां साइबर अटैकर्स को डिवाइस को रिमोटली हाइजैक करने, यूजर्स की जासूसी करने या संवेदनशील डेटा लीक करने का मौका दे सकती हैं। ये खतरे तब गंभीर हो जाते हैं, जब अटैकर्स की ओर से कमजोरियों का पहले से ही सक्रिय रूप से इस्तेमाल किया जा रहा हो।

तो क्यों करें यूजर्स

CERT-In ने क्वालकॉम चिपसेट वाले सभी Android यूजर्स से अपील की है कि वे डिवाइस में सॉफ्टवेयर अपडेट की तुरंत जांच करें और अपने डिवाइस मैन्युफैक्चरर से लेटेस्ट सिक्योरिटी पैच इंस्टॉल करें। अनाधिकृत सोर्सेज से ऐप डाउनलोड करने और संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें। साथ ही भरोसमंद एंटीवायरस ऐप का इस्तेमाल करें।

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