आज के समय फोन लोगों के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके बिना लोग अपने जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकते हैं। पढ़ाई से लेकर बैंकिग तक हमारा हर काम फोन से ही होता है। ऐसे में हैकरों की नजर हमारे फोन पर ज्यादा ही रहती है। हाल फिलाहल में फोन पर साइबर हमलों के मामले कुछ ज्यादा ही बढ़ गए हैं। हालांकि लोग साइबर हमलों से बचने के लिए एंड्रॉयड की जगह ios के इस्तेमाल को ज्यादा सुरक्षित मानते हैं। पर हाल ही में एक स्टडी में खुलासा हुआ है कि, एंड्रॉयड के मुकाबले iOS डिवाइस पर साइबल हमलों और फिशिंग का खतरा ज्यादा है।
बता दें कि बॉस्टन की एक डेटा-केंद्रित क्लाउड सिक्योरिटी कंपनी, लुकआउट की नई स्टडी में ये बात सामने आई है। लुकआउट की नई स्टडी के मुताबिक एंड्रॉयड के मुकाबले iOS डिवाइस पर फिशिंग और अन्य साइबर हमलों का खतरा अधिक है।
आईफोन्स की सुरक्षा पर बढ़ा साइबर हमला
बता दें कि लोगों का आईफोन को खरीदने के पीछे एक मकसद ये भी रहता है कि उनका फोन का डाटा सुरक्षित रहेगा और कोई भी साइबर हमले को फेल कर देगा। आईफोन के क्लोज्ड इकोसिस्टम के कारण एंड्रॉयड फोन की तुलना में अधिक सुरक्षित माना जाता है। हालांकि, हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, iOS डिवाइस पर साइबर हमलों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। लुकआउट की स्टडी में खुलासा हुआ है कि 2024 की पहली तीन तिमाही के दौरान 19 प्रतिशत एंटरप्राइज iOS डिवाइस पर कम से एक एक फिशिंग अटैक हुआ। इसकी तुलना में केवल 10.9% एंटरप्राइज एंड्रॉयड पर फिशिंग अटैक हुआ।
बता दें कि इस स्टडी में लाखों एंड्रॉयड और iOS डिवाइसेस को शामिल किया गया था। हालांकि, फिशिंग हमलों का ऑपरेटिंग सिस्टम से सीधा संबंध नहीं होता, लेकिन चिंता की बात यह है कि ऐपल उन कंपनियों में सबसे ऊपर है जो यूजर्स का डेटा सरकारों के साथ साझा करती है।
लुकआउट की स्टडी के मुताबिक, आज के समय जब लोग अपना सारा काम अपने फोन से ही करना पंसद करते हैं, ऐसे में मोबइल परसाइबर हमले भी लगातार बढ़ रहा हैं। हैकर्स भी अब हमले मोबाइल डिवाइस पर कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि AI के बढ़ते उपयोग के कारण यह खतरा और बढ़ेगा, खासकर उन लोगों के लिए जो तकनीकी जागरूकता में पीछे हैं।
अपने फोन को साइबर हमलों से बचाने के लिए आपको अपने फोन में हमेशा अपने सॉफ्टवेयर और ऑपरेटिंग सिस्टम को अपडेट रखें। किसी भी संदिग्ध ईमेल से सतर्क रहें और संवेदनशील जानकारी साझा न करें। इसके साथ ही किसी भी लालच वाले मेल में आई अटैचमेंट्स पर क्लिक करने से बचें।