अब आप आधार के जरिए डिजिलॉकर में जल्द ही दस्तावेज अपडेट कर सकेंगे। सरकार एक ऐसा प्लेटफॉर्म बनाने पर काम कर रही है जिसके ज़रिए लोगों को आधार के माध्यम से सरकार की डिजिलॉकर सर्विस में स्टोर दस्तावेजों को अपडेट करने की अनुमति होगी। डिजिलॉकर सिस्टम को इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय (MeitY) ऑपरेट करता है। रिपोर्ट के अनुसार, MeitY वर्तमान में अन्य मंत्रालयों और हितधारकों के साथ नए प्लेटफॉर्म के बारे में बात कर रहा है। नया प्लेटफॉर्म इस समय केवल शुरुवाती स्टेज में है। एक अधिकारी ने कहा, 'हम इस समय प्रोजेक्ट के लिए विभागों से बात कर रहे हैं।'
ऑटो अपडेट हो जाएंगे डॉक्यूमेंट्स
अगर यह प्रोजेक्ट सफल होता है तो जब लोग अपने आधार पर कोई डिटेल अपडेट करेंगे तो इसके साथ ही अन्य प्रमुख डॉक्यूमेंट्स जैसे ड्राइविंग लाइसेंस, राशन कार्ड और मतदाता पहचान पत्र में भी ये डिटेल अपडेट हो जाएंगे। यह अपडेट ऑनलाइन और फिजिकल डॉक्यूमेंट दोनों जगह पर होगा।
ऑटोमैटिक अपडेट प्रोसेस से नागरिकों के पास अलग-अलग सरकारी मंत्रालयों में अपनी डिटेल आसानी से अपडेट करने की सुविधा होगी। इससे यह प्रक्रिया लोगों के लिए आसान हो जाएगी। इस उपाय से ना सिर्फ अलग-अलग सरकारी विभागों का समय और पैसा बचेगा बल्कि फेक और पुराने दस्तावेजों का चलन भी कम होगा।
वित्त मंत्री ने बजट भाषण में दी थी जानकारी
इसके बारे में सबसे पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पिछले महीने बजट भाषण के दौरान बताया था। सीतारमण ने कहा था, "अलग-अलग सरकारी एजेंसियों, रेगुलेटर्स और रेगुलेटेड एंटिटी द्वारा बनाए गए लोगों की पहचान और पते को अपडेट करने के लिए डिजिलॉकर सर्विस और आधार को फंडामेंटल आइडेंटिटी के रूप में उपयोग करने के लिए वन-स्टॉप सॉल्यूशन स्थापित किया जाएगा।"
इसके तहत ऑटो-अपडेट सिस्टम सभी के सहमति से तैयार किया जाएगा। अगर कोई शख्स इस सुविधा का लाभ उठाना चाहता है तो उन्हें अपनी सहमति देने के लिए कहा जाएगा, जिसके बाद प्लेटफॉर्म संबंधित विभाग की सहमति मांगेगा। अगर कोई आधार में एड्रेस या अन्य जानकारी अपडेट करता है तो सिस्टम उससे बाकी के सभी मंत्रालयों में इसे अपडेट करने की जानकारी मांगेगा। अगर सहमति दी जाती है तो ये जानकारी अपडेट कर दी जाएगी।