Google से छंटनी के लगभग एक महीने बाद अब ऐसी रिपोर्ट्स सामने आ रही हैं कि निकाले गए कर्मचारियों को काफी सेवरेंस पैकेज दिया गया है। बता दें कि सेवरेंस पैकेज वह रकम होती है जो कंपनी छंटनी किए जाने के बाद कर्मचारियों को मुआवजे के तौर पर देती है। बता दें कि लगभग एक महीने पहले गूगल मे लगभग 12,000 कर्मचारियों को कंपनी से बाहर का रास्ता दिखा दिया था।
गूगल ने किया था मुआवजा देने का ऐलान
छंटनी के वक्त गूगल ने कर्मचारियों को मुआवजे के तौर पर कुछ रकम देने का ऐलान किया था। हालांकि अब कई सारे कर्मचारियों ने कहा है कि उनको मुआवजे के तौर पर कम रकम दी गई है। कर्मचारियों ने कहा है कि यह रकम दस हजार डॉलर तक कम है। हालांकि कंपनी ने छंटनी के लगभग तीन सप्ताह बाद भेजे गए एक ईमेल में लिखा था कि हमने सेवरेंज पैकेज को सही तरह से और डीटेल डॉक्युमेंट के साथ कर्मचारियों को भेजा था लेकिन यह हमारे मेंल में गलत तरीके से रिफ्लेक्ट हुआ है।
गूगल ने मांगी कर्मचारियों से माफी
एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार गूगल ने अब इस मामले पर अपने निकाले गए कर्मचारियों से माफी भी मांगी है। हालांकि एक पूर्व कर्मचारी का कहना है कि कंपनी से निकाले जाने के बाद कंपनी द्वारा कम मुआवजा देना 'पेट पर लात' मारने जैसा है। क्योंकि मुआवजे के तौर पर उनको कम से कम 40 फीसदी तक कम रकम दी जा रही है।
गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने दी थी छंटनी की जानकारी
बता दें कि जनवरी में गूगल ने अपने यहां से लगभग छह फीसदी यानी कि 12 हजार कर्मचारियों की छंटनी कर दी थी। कंपनी के सीईओ सुंदर पिचाई ने खुद इस छंटनी की जिम्मेदारी भी ली थी और कर्मचारियों को कई सारी सुविधाओं के साथ मुआवजा देने का भी ऐलान किया था। इस मेल के मुताबिक नौकरी से निकाले गए कर्मचारियों को दो महाने के नोटिस पीरियड की सैलरी, छह महीने का हेल्थ इंश्योरेंस और नौकरी में खोजने में हेल्प करने जैसे ऑफर दिए गए थे। इसके अलावा कर्मचारियों को 16 हफ्ते का मुआवजा भी दिया जाना था।