Alphabet ने जून तिमाही के नतीजों का ऐलान कर दिया है। लगातार दूसरी तिमाही कंपनी का मुनाफा और रेवेन्यू उम्मीद के मुकाबले कम रहा है। दूसरी तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू ग्रोथ 13 फीसदी रही। एक साल पहले यह 62 फीसदी थी। जून तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 69.69 अरब डॉलर रहा। एनालिस्ट्स ने रेवेन्यू 69.9 अरब डॉलर रहने की उम्मीद जताई थी। अल्फाबेट गूगल (Google) ब्रांड नाम से सेवाएं देती हैं।
अल्फाबेट की प्रति शेयर आय (EPS) जून तिमाही में 1.21 डॉलर रही। एनालिस्ट्स ने इसके 1.28 डॉलर रहने की उम्मीद जताई थी। यूट्यूब एडवर्टाइजिंग रेवेन्यू 7.34 अरब डॉलर रहा। गूगल क्लाउड रेवेन्यू 6.28 फीसदी रहा। कंपनी के सीएफओ रूथ पोराट ने कहा कि डॉलर की मजबूती की वजह से रेवेन्यू ग्रोथ में 3.7 फीसदी की कमी आई। उन्होंने अगली तिमाही में डॉलर की मजबूती का असर और भी ज्यादा रहने का अनुमान जताया।
कंपनी का एडवर्टाइजिंग रेवेन्यू सिर्फ 12 फीसदी बढ़कर 56.3 अरब डॉलर रहा। बढ़ती महंगाई की वजह से कंपनियों ने एडवर्टाइजिंग पर अपना खर्च घटाया। जिसका असर अल्फाबेट के रेवेन्यू पर पड़ा। यूट्यूब डिवीजन का प्रदर्शन सबसे कमजोर रहा। इसकी सेल्स सिर्फ 5 फीसदी बढ़ी। पिछले साल की जून तिमाही में कंपनी की सेल्स 84 फीसदी बढ़ी थी।
कंपनियों के एडवर्टाइजिंग पर खर्च घटाने के साथ ही TikTok से बढ़ती प्रतियोगिता का असर भी अल्फाबेट के रेवेन्यू पर पड़ा है। अल्फाबेट ने कहा है कि उसके फुल-टाइम एंप्लॉयीज की संख्या 21 फीसदी बढ़कर 1,74,014 रही। एक साल पहले यह संख्या 1,44,056 थी।
पिछले महीने अल्फाबेट ने कहा था कि वह 2023 में नए एंप्लॉयीज की भर्ती घटाएगी। उसने इनवेस्टमेंट में कमी करने की बात भी कही थी। कंपनी के सीईओ सुंदर पिचाई ने एंप्लॉयीज को भेजे मेमो में कहा था कि कंपनी आर्थिक हालात में आए बदलाव से बची नहीं रह सकती।
अल्फाबेट ने रेवेन्यू का कोई अनुमान नहीं दिया है। लेकिन, एनालिस्ट्स का मानना है कि इस साल रेवेन्यू 14 फीसदी ग्रोथ के साथ 293.9 अरब डॉलर रह सकता है। इस साल अल्फाबेट के शेयर की कीमत करीब 25 फीसदी गिर चुकी है। हालांकि, मंगलवार (26 जुलाई) को ऑफ्टर-मार्केट आवर्स कंपनी के शेयरों में 4 फीसदी उछाल देखने को मिला।