म्यांमार (Myanmar) की लोकतंत्र समर्थक नेता आंग सान सू की (Aung San Suu Kyi) को माफ कर दिया गया है। म्यांमार की सरकारी मीडिया ने मंगलवार को यह जानकारी दी। म्यांमार के सत्तारूढ़ जुंटा (junta) ने जेल में बंद लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित नेता आंग सान सू की के लिए क्षमादान की घोषणा की है। डेमोक्रेटिक रूप से निर्वाचित नेता राष्ट्रपति विन मिंट (Win Myint) भी इस क्षमादान का हिस्सा होंगे। ये दोनों नेता फरवरी 2021 में हुए तख्तापलट के बाद से जेल में बंद हैं। जुंटा ने सू की को 19 अपराधों के लिए दोषी ठहराया है, जिसमें कुल 33 साल की जेल की सजा का प्रावधान है।
1 फरवरी 2021 को म्यांमार की सेना ने देश की बागडोर अपने हाथ में ले ली थी और सू की तथा म्यांमार के कई बड़े नेताओं को हिरासत में ले लिया था। सू की पार्टी ने पिछले आम चुनाव में भारी जीत हासिल की थी, लेकिन सेना का कहना है कि चुनाव में व्यापक पैमाने पर धांधली हुई। स्वतंत्र चुनाव पर्यवेक्षकों को कोई बड़ी अनियमितता नहीं मिली थी।
सेना के सत्ता में आने के बाद से देश में व्यापक स्तर पर शुरू किए गए शांतिपूर्ण प्रदर्शन को बलपूर्वक रोकने की कोशिश की गई। इसके बाद देश में कई हिंसक प्रदर्शन हुए। संयुक्त राष्ट्र (UN) के कुछ विशेषज्ञों ने इसे गृह युद्ध भी करार दिया था। सू की को अवैध रूप से वॉकी-टॉकी आयात करने और रखने, कोरोना वायरस संक्रमण के प्रतिबंधों का उल्लंघन करने, राजद्रोह तथा भ्रष्टाचार के पांच मामलों में 23 जेल की सजा सुनाई गई है। उनकी पार्टी और सरकार के कई शीर्ष सदस्य भी जेल में हैं, जबकि अन्य कई छिपे हुए हैं या विदेश भाग गए हैं।
इस बीच, म्यांमार की सैन्य सरकार ने 2021 में तख्तापलट के बाद लागू किए आपातकाल की अवधि बढ़ाने के बाद इस साल अगस्त तक होने वाले चुनाव को आधिकारिक रूप से स्थगित कर दिया है। सेना ने सोमवार को सरकारी टेलीविजन पर दिए एक बयान में चुनाव में देरी के लिए हिंसा का हवाला दिया और मंगलवार से आपातकाल की अवधि छह महीने और बढ़ाने की घोषणा की। अमेरिका ने म्यांमार में सत्तारूढ़ सैन्य सरकार (जुंटा) द्वारा आपातकाल की अवधि छह महीने और बढ़ाने के कदम की निंदा करते हुए कहा कि जुंटा ने देशभर में व्यापक पैमाने पर बर्बर हिंसा को अंजाम दिया है।