Bangladesh Violence: बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमला भारत की बड़ी चिंता, खाड़ी देश से आ रहा पैसा स्थानीय लोगों को बना रहा कट्टरपंथी!

Bangladesh Violence Updates: पूर्व प्रधान मंत्री शेख हसीना एक सैन्य विमान में देश से भाग गईं और सोमवार को भारत में उतरीं, क्योंकि नौकरी में आरक्षण के खिलाफ लंबे समय से चल रहे विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गए और उनके इस्तीफे की मांग उठ रही थीं। ऐसे में सत्ता की कमी को पूरा करने के लिए सेना को आगे आना पड़ा

अपडेटेड Aug 07, 2024 पर 8:21 PM
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Bangladesh Violence: बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमला भारत की बड़ी चिंता

बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले भारत सरकार के लिए चिंता का एक बड़ा कारण हैं और यहां तक ​​कि दूसरे देशों सरकारें भी मानती हैं कि वहां अल्पसंख्यक सुरक्षित नहीं हैं। स्थानीय मीडिया और ढाका में हिंदू अल्पसंख्यक समूहों के पदाधिकारियों की रिपोर्टों के अनुसार, चल रही राजनीतिक अशांति के बीच समुदाय के कम से कम 97 जगहों पर हमला किया गया है। उनमें से एक इस्कॉन मंदिर, एक काली मंदिर और हिंदुओं के घर हैं। पूर्व प्रधान मंत्री शेख हसीना एक सैन्य विमान में देश से भाग गईं और सोमवार को भारत में उतरीं, क्योंकि नौकरी में आरक्षण के खिलाफ लंबे समय से चल रहे विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गए और उनके इस्तीफे की मांग उठ रही थीं। ऐसे में सत्ता की कमी को पूरा करने के लिए सेना को आगे आना पड़ा।

CNN-News18 ने शीर्ष खुफिया सूत्रों के हवाले से बुधवार को बताया, "हिंदू पार्षद हराधन रॉय की भी प्रदर्शनकारियों ने हत्या कर दी। मशहूर संगीतकार राहुल आनंद के घर को लूट लिया गया और आग लगा दी गई। कट्टरपंथियों ने बेहद सुनियोजित तरीके से इंदिरा गांधी सांस्कृतिक केंद्र और बंगबंधु मेमोरियल म्यूजियम को जला दिया है।"

हिंदुओं के खिलाफ 4,000 हमले हुए


सूत्रों ने बताया कि जनवरी 2013 से बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के खिलाफ लगभग 4,000 हमले हुए हैं।

एक सूत्र ने कहा, “ये एक मानसिकता के साथ और दो चीजों को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थित हमले हैं, पहला इस्लामवादियों की ओर से हिंदुओं पर हमले, और दूसरा भारत से नजदीकी के कारण हिंदू शेख हसीना के करीब हैं। हसीना के जाने के बाद चल रही सांप्रदायिक हिंसा अचानक नहीं बल्कि जानबूझकर और सुनियोजित है।"

सरकारी एजेंसियां क्यों कुछ नहीं कर रही हैं?

सूत्रों ने कहा, यह पाया गया है कि इन लगातार हमलों में कई फैक्टर ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। एक सूत्र ने कहा, “सरकारी एजेंसियां जानबूझकर कुछ नहीं कर रही हैं, क्योंकि उन्हें कुछ समय तक के लिए ऐसे ही रहने का फैसला किया है। अब इस्लामवादी समूहों को हिंदुओं पर हमला करने का एक कारण मिल गया है कि भारतीय नीतियां मुस्लिम विरोधी हैं और हमारे पास हिंदुओं पर हमला करने का एक कारण है।”

शीर्ष खुफिया अधिकारियों का मानना ​​है कि ये हमले कुछ और नहीं बल्कि आतंकी कार्रवाई है, जिसे शेख हसीना (Sheikh Hasina) ने काबू में किया हुआ था।

हमलावरों के पास एक खुला एजेंडा

एक सूत्र ने कहा, “अब इन हमलावरों के पास एक खुला एजेंडा है, जिसे राज्य लंबे समय तक स्पॉन्सर भी करेगा, ताकि ज्यादा बातचीत हो सके या वे अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को नियंत्रण दे सकें। आने वाले दिनों में यह और भी बढ़ेगा, क्योंकि सऊदी अरब से कट्टरपंथी इस्लाम को पैसा मिल रहा है और साथ ही तेल में उछाल के बाद कई बांग्लादेशी पश्चिम एशिया चले गए हैं। वे खाड़ी में भी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और वे बांग्लादेश में कट्टरपंथी इस्लाम चाहते हैं। उनमें से कई बुढ़ापे में खूब पैसा लेकर वापस आए हैं और अब चाहते हैं कि कट्टरपंथियों के माध्यम से धर्म का प्रसार हो।"

पिछले 15 सालों में देश में अंसारुल्लाह बांग्ला टीम, हिज्ब उत-तहरीर और जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (JMB) जैसे कई कट्टरपंथी राजनीतिक दल और समूह उभरे हैं।

एक सूत्र ने कहा, “इन समूहों ने धर्मनिरपेक्ष बुद्धिजीवियों पर हमला किया है, हिंदू समुदाय को आतंकित किया है और ढाका समेत नाटकीय आतंकवादी हमले किए हैं। हसीना सरकार उन पर नकेल कसना चाहती थी, लेकिन यह अपर्याप्त था।"

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