Bangladesh Violence: 'घरों से बाहर न निकले, न कहीं घूमे फिरे' बाग्लादेश में हिंसा के चलते भारतीय लोगों के लिए एडवाइजरी जारी

बांग्लादेश में भारतीय उच्चायोग ने कहा, "बांग्लादेश में मौजूदा स्थिति को देखते हुए, बांग्लादेश में रहने वाले भारतीय समुदाय के सदस्यों और भारतीय छात्रों को यात्रा से बचने और कम से कम बाहर खूमने की सलाह दी जाती है।" दूतावास ने किसी भी तत्काल मदद के लिए भारतीय मिशन का इमरजेंसी नंबर भी जारी किया, जो 24 घंटे चालू रहेगा

अपडेटेड Jul 18, 2024 पर 2:04 PM
Bangladesh Violence: बाग्लादेश में हिंसा के चलते भारतीय लोगों के लिए एडवाइजरी जारी

भारत ने बांग्लादेश में रहने वाले भारतीय समुदाय के लोगों और छात्रों के लिए एक एडवाइजरी जारी की है। भारतीय लोगों को बांग्लादेश में चल रही हिंसा को देखते हुए गैर-जरूरी यात्रा और आवाजाही कर करने की सलाह दी गई है। बांग्लादेश फिलहाल सरकारी नौकरियों के लिए कोटा सिस्टस को लेकर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन और हिंसक झड़पों की चपेट में है, जिसमें कम से कम छह लोगों की मौत हो गई है। बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने जांच के आदेश दिए हैं।

बांग्लादेश में भारतीय उच्चायोग ने कहा, "बांग्लादेश में मौजूदा स्थिति को देखते हुए, बांग्लादेश में रहने वाले भारतीय समुदाय के सदस्यों और भारतीय छात्रों को यात्रा से बचने और कम से कम बाहर खूमने की सलाह दी जाती है।" दूतावास ने किसी भी तत्काल मदद के लिए भारतीय मिशन का इमरजेंसी नंबर भी जारी किया, जो 24 घंटे चालू रहेगा।


दरअसल बांग्लादेश में सरकारी नौकरियों में आरक्षण के प्रावधान में सुधार की मांग को लेकर छात्र प्रदर्शन कर रहे। छात्रों ने सुरक्षा बलों की कार्रवाई के जवाब में बृहस्पतिवार को देशव्यापी बंद बुलाया है। देशभर में छात्रों के इन प्रदर्शनों में सुरक्षा बलों की कार्रवाई में चार छात्रों समेत कम से कम छह लोगों की मौत हो चुकी है।

PM शेख हसीना ने जताया दुख

आंदोलन के एक प्रमुख समन्वयक आसिफ महमूद ने Facebook पर पोस्ट में कहा कि बृहस्पतिवार को अस्पताल और आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर सभी प्रतिष्ठान बंद रहेंगे और केवल एम्बुलेंस सेवाओं को ही चलने की अनुमति होगी।

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने बुधवार को राष्ट्र के नाम संबोधन में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा में लोगों के मारे जाने पर गहरा खेद जताया और कहा कि इस मामले में एक न्यायिक जांच समिति गठित की जाएगी।

हसीना ने प्रदर्शनकारियों से कहा कि वे देश की सर्वोच्च अदालत पर भरोसा बनाए रखें, क्योंकि यह मुद्दा उसके पास लंबित है।

न्यायिक जांच की घोषणा 

उन्होंने एक संबोधन में कहा, "मुझे विश्वास है कि हमारे छात्रों को न्याय मिलेगा (सर्वोच्च न्यायालय में)। वे निराश नहीं होंगे।"

ये प्रदर्शन मंगलवार को देश भर के प्रमुख शहरों में हुए और बुधवार को भी जारी रहे। हसीना का संबोधन विरोध प्रदर्शनों में छह लोगों की मौत के एक दिन बाद दिया गया।

उन्होंने हत्याओं की न्यायिक जांच की घोषणा की और कहा, "मैं हिंसा में मारे गए लोगों के परिवारों की हर संभव सहायता करूंगी।"

देशभर के स्कूल और कॉलेज बंद

प्रधानमंत्री ने कहा, "मैं स्पष्ट रूप से घोषणा करती हूं कि यह सुनिश्चित करने के लिए कार्रवाई की जाएगी कि हत्या, लूटपाट और आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने वालों को उचित सजा मिले। चाहे वे कोई भी हों।"

हालांकि, हसीना ने हिंसा भड़काने के लिए कुछ निहित स्वार्थी तत्वों को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि प्रदर्शनकारी छात्र आतंकवादी कृत्यों में शामिल नहीं थे। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे उपद्रवियों को स्थिति का फायदा उठाने का मौका न दें।

हिंसा के कारण सरकार ने मंगलवार देर रात बांग्लादेश में सभी सार्वजनिक और निजी विश्वविद्यालयों के साथ-साथ स्कूलों और कॉलेजों को अनिश्चित काल के लिए बंद कर दिया तथा आवासीय छात्रों से छात्रावास छोड़ने को कहा।

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