बांग्लादेश में हालात बेहद खराब होते जा रहे हैं। प्रदर्शनकारी प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफे की मांग पर अड़ गए हैं। इस बीच सत्तारूढ़ पार्टी के समर्थकों और प्रदर्शनकारियों के बीच देश के कई अलग-अलग इलाकों में झड़प हुईं और इसमें करीब 100 लोगों की जान जा चुकी है। स्थिति ऐसी बन गई है कि अब सवाल ये भी उठने लगे हैं कि क्या बांग्लादेश की सत्ता सेना के हाथों में चली जाएगी? उधर प्रदर्शनकारी सोमवार को ढाका की ओर कूच करने की योजना बना रहा है और उन्होंने म जनता से ‘लॉन्ग मार्च टू ढाका’ में भाग लेने की अपील भी की है।
ये कयास इसलिए लगाए जा रहे हैं, क्योंकि The Daily Star के मुताबिक, इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) ने कहा कि सेना प्रमुख जनरल वेकर-उज-जमान सोमवार दोपहर 3:00 बजे के आसपास राष्ट्र को संबोधित करेंगे। इसलिए देशवासियों से तब तक धैर्य बनाए रखने को कहा गया है।
बांग्लादेश में अंतरिम सैन्य सरकार बनाई जा सकती है
CNN-News18 ने अपनी रिपोर्ट में राजधानी ढाका के शीर्ष सूत्रों के हवाले से बताया कि देश में जल्द ही एक अंतरिम सैन्य सरकार बनाई जा सकती है, जिसमें सेना लोगों के प्रति अपना समर्थन जताएगी।
बांग्लादेश (Bangladesh Protest) में रविवार को स्थिति फिर से हिंसक हो गई, प्रदर्शनकारियों और सरकार समर्थकों के बीच झड़प में 14 पुलिस अधिकारियों सहित कम से कम 94 लोगों की मौत हो गई। विरोध प्रदर्शन शुरू होने के बाद से हताहतों की कुल संख्या अब 300 से ज्यादा हो गई है।
शेख हसीना पर पद छोड़ने का दबाव!
हाल ही में आर्मी चीफ ने ऐसा संकेत दिया कि सेना प्रदर्शनकारियों के समर्थन में है। उन्होंने कहा, सेना "हमेशा लोगों के साथ खड़ी है।"
सूत्रों के हवाले से कहा गया कि सेना की कोई भी कार्रवाई विदेशी सहयोगियों पर निर्भर होगी और हसीना को कुछ समय के लिए सेना को सत्ता सौंपने के लिए मजबूर किया जा सकता है।
सूत्रों ने कहा कि स्थिति तनावपूर्ण है और अब हसीना पर पिछले पाकिस्तानी नेताओं की तरफ से की गई गलतियों के कारण पद छोड़ने का दबाव है।
प्रदर्शन को मिला सेना के पूर्व जनरल, फिल्मी सितारों समर्थन
रिपोर्टों में कहा जा रहा है, “उन गलतियों के कारण तब पाकिस्तान दो हिस्सों बंटा, लेकिन इस बार देश शेख हसीना के सत्ता से बेदखल होने का गवाब बन सकता है। सेना के सभी शीर्ष पूर्व जनरल छात्रों और प्रदर्शनकारियों का समर्थन कर रहे हैं, जिससे सेना के पास लोगों के साथ जुड़ने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।"
इसके अलावा सरकार विरोधी भावना देश भर में फैल गई है, फिल्म सितारों और संगीतकारों सहित अलग-अलग क्षेत्रों के लोग विरोध प्रदर्शन में भाग ले रहे हैं।
ये प्रदर्शन शुरुआत में सिविल सर्विस की नौकरियों में आरक्षण के मुद्दे को लेकर था, लेकिन अब इसका पूरा फोकस हसीना के पद छोड़ने की मांग को लेकर हो गया। उनपर आरोप हैं कि उनकी सरकार ने सत्ता को मजबूत करने और असंतोष को दबाने के लिए सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग किया है।