Bangladesh Violence: चीफ जस्टिस के इस एक बयान से आग बबूला हुए छात्र! घेर लिया सुप्रीम कोर्ट, अब देना पड़ रहा है इस्तीफा
राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन के साथ शाम को होने वाली बैठक के बाद वह अपना इस्तीफा सौंप देंगे। तनाव बढ़ने पर चीफ जस्टिस इमारत बिल्डिंग से निकल कर चले गए। प्रदर्शनकारियों ने धमकी दी है कि अगर वे अल्टीमेटम से पहले इस्तीफा नहीं देते हैं, तो वे जजों के घरों का भी घेराव कर लेंगे। मुख्य न्यायाधीश और अदालत के सात जजों के इस्तीफे की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन किया जा रहा है
Bangladesh Violence: चीफ जस्टिस के इस एक बयान से आग बबूला हुए छात्र! घेर लिया सुप्रीम कोर्ट
बांग्लादेश के मुख्य न्यायाधीश ओबैदुल हसन ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा देने का फैसला लिया है। प्रदर्शनकारियों ने चीफ जस्टिस के इस्तीफे की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट का घेराव कर लिया था, जिसके बाद उन्होंने ये निर्णय किया है। मुख्य न्यायाधीश के इस्तीफे की मांग को लेकर शनिवार 11:45 बजे से सैकड़ों प्रदर्शनकारी सुप्रीम कोर्ट बिल्डिंग के सामने जमा हो गए। उनमें से कई लोगों के हाथों में देश का झंडा था। ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन के साथ शाम को होने वाली बैठक के बाद वह अपना इस्तीफा सौंप देंगे।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, तनाव बढ़ने पर चीफ जस्टिस इमारत बिल्डिंग से निकल कर चले गए। प्रदर्शनकारियों ने धमकी दी है कि अगर वे अल्टीमेटम से पहले इस्तीफा नहीं देते हैं, तो वे जजों के घरों का भी घेराव कर लेंगे।
चीफ जस्टिस और सात जजों के इस्तीफे की मांग
बांग्लादेशी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, बाद में पता चला कि मुख्य न्यायाधीश ने सैद्धांतिक तौर पर पद छोड़ने का फैसला ले लिया है। दोपहर करीब 12:30 बजे स्टूडेंट अगेंस्ट डिस्क्रिमिनेशन के संयोजक और युवा एवं खेल मंत्रालय के सलाहकार आसिफ महमूद साजिब भुइयां ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर एक पोस्ट किया।
इसमें उन्होंने कहा कि मुख्य न्यायाधीश और अदालत के सात जजों के इस्तीफे की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। आसिफ महमूद साजिब भुइयां ने पोस्ट में आगे लिखा, “हम चाहते हैं कि मुख्य न्यायाधीश और फासीवादी हसीना की ओर से नियुक्त अदालत के सात जजों को पद से हटा दिया जाए।”
जिला कोर्ट के जजों का इससे कोई संबंध नहीं
उन्होंने ये भी साफ किया कि इससे जिला जज कोर्ट का कोई संबंध नहीं है। हम स्टूडेंट अगेंस्ट डिस्क्रिमिनेशन से आग्रह करते हैं कि वे किसी भी जिला कोर्ट के सामने जमा न हों। गुमराह होने की कोई बात नहीं है। हमारी मांगें और कार्यक्रम एकदम साफ हैं।
आसिफ ने अपील करते हुए कहा, "हाईकोर्ट के पास शांतिपूर्वक तरीक से मोर्चा संभालें। पराजित फासीवादी अवामी लीग की साजिश का विरोध करने के साथ-साथ देश के निर्माण के लिए राष्ट्रीय एकता बना रखें।"
चीफ जस्टिस को स्थगित करनी पड़े फुल कोर्ट मीटिंग
वहीं प्रदर्शनकारी छात्रों की ओर से अंतरिम सरकार के कानून सलाहकार आसिफ नजरूल ने शनिवार दोपहर सचिवालय में पत्रकारों से कहा, "हमें उम्मीद है कि चीफ जस्टिस यह समझेंगे कि जब जन आंदोलन से इस्तीफे की मांग आती है, तो उस मांग का सम्मान कैसे किया जाए।”
चीफ जस्टिस के निर्देश पर सुप्रीम कोर्ट और अपीलेट डिवीजन के जजों की एक फुल कोर्ट वर्चुअल मीटिंग सुबह 10:30 बजे होने वाली थी, लेकिन इसे सुबह 10:15 बजे स्थगित कर दिया गया।
चीफ जस्टिस की इस टिप्पणी से नाराज हुए छात्र?
आसिफ महमूद साजिब भुइयां ने सुबह फुल कोर्ट मीटिंग को लेकर भी एक पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने चीफ जस्टिस से इस्तीफा देने और फुल कोर्ट मीटिंग स्थगित करने की मांग की।
4 जुलाई को चीफ जस्टिस ओबैदुल हसन ने हाई कोर्ट के फैसले पर अपीलेट डिवीजन की सुनवाई के दौरान टिप्पणी करते हुए कहा था, "सड़कों पर इतने सारे आंदोलन क्यों शुरू हो गए हैं? क्या आप आंदोलन का दबाव डालकर हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के फैसले बदल देंगे?”
शेख हसीना के इस्तीफे बाद नई घटना
यह घटनाक्रम तब हुआ, जब अवामी लीग की नेता शेख हसीना (Sheikh Hasina) प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद हिंसा प्रभावित देश से भागकर भारत आ गईं। हसीना के अपने पद से इस्तीफा देने के कुछ देर बाद बांग्लादेश (Bangladesh) के सेना प्रमुख जनरल वकर-उज-जमान ने प्रशासन संभाला और अंतरिम सरकार बनाने की घोषणा की।
नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में एक अंतरिम सरकार ने गुरुवार को शपथ ली और उसे चुनाव कराने का काम सौंपा जाएगा। राज्य के मामलों को चलाने में यूनुस की मदद के लिए 16 सदस्यों वाली सलाहकार परिषद बनाई गई है।