बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को ब्रिटेन के बाद अब अमेरिका से भी तगड़ा झटका लगा है। US ने शेख हसीना का वीजा भी रद्द कर दिया है। ये जानकारी उन खबरों के बीच आई है कि अमेरिका समेत पश्चिमी देशों ने उन्हें सत्ता से बेदखल करने की मांग की थी। बांग्लादेश में हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद इस्तीफा देकर भारत भाग आईं हसीना, फिलहाल गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस पर हैं।
CNN-News18 ने बांग्लादेश में विपक्ष के करीबी अंदरूनी सूत्रों के हवाले से ये जानकारी दी है कि अमेरिका ने उनका वीजा रद्द कर दिया है। अब वह यूरोपीय देशों में शरण के विकल्प तलाश रही है।
साथ छोड़ने वाली हैं बहन शेख रेहाना
इस बीच रिपोर्टों से संकेत मिला है कि ब्रिटेन उन्हें शरण देने के लिए तैयार नहीं है। सूत्रों का कहना है कि उनकी बहन रेहाना, जिनके पास UK की नागरिकता है, वो भी जल्द ही यूके के लिए रवाना हो सकती हैं।
आरक्षण नीतियों के खिलाफ सरकार विरोधी प्रदर्शनों के कारण हफ्तों तक बढ़ते दबाव के बाद, सोमवार को सेना ने शेख हसीना की ढाका से रवानगी की व्यवस्था की।
विरोध प्रदर्शन हिंसक अशांति में बदल गया, जिसके कारण हाल के हफ्तों में 440 से ज्यादा मौतें हुईं। उनके इस्तीफे के कुछ घंटों बाद, हसीना के घर पर प्रदर्शनकारियों ने धावा बोल दिया, जिससे बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ हुई।
फिलहाल भारत में हैं शेख हसीना
सोमवार को भारत पहुंचने पर, हसीना से राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और सेना के सीनियर अधिकारियों ने मुलाकात की, जिन्होंने उन्हें पूरी सुरक्षा का आश्वासन दिया।
भारतीय वायु सेना ने उनकी फ्लाइट की बारीकी से निगरानी की और उनकी यात्रा की सुरक्षा के लिए राफेल लड़ाकू जेट तैनात किए। बांग्लादेश में स्थिति अस्थिर बनी हुई है, सेना ने नोबेल पुरस्कार विजेता डॉ. मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार के गठन की घोषणा की है।
मंगलवार को विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने संसद को बताया कि अचानक इस्तीफे के बाद हसीना ने सुरक्षित रास्ते के लिए भारत से संपर्क किया। राज्यसभा में स्वत: संज्ञान बयान देते हुए जयशंकर ने कहा कि हसीना को "बहुत ही कम समय के नोटिस" पर भारत यात्रा की मंजूरी दी गई।
संसद में बोले विदेश मंत्री
जयशंकर ने संसद में कहा, 5 अगस्त को कर्फ्यू के बावजूद प्रदर्शनकारी ढाका में जुटे। हमारी समझ यह है कि सुरक्षा प्रतिष्ठान के नेताओं के साथ बैठक के बाद, प्रधान मंत्री शेख हसीना ने इस्तीफा देने का निर्णय लिया।
उन्होंने कहा, “बहुत ही कम समय में, उन्होंने भारत आने के लिए मंजूरी का अनुरोध किया। हमें उसी समय बांग्लादेश के अधिकारियों से फ्लाइट की मंजूरी के लिए अनुरोध मिला। वह कल शाम दिल्ली पहुंचीं।''