अमेरिका के बाद अब इंग्लैंड में भी ब्याज दरों में बदलाव नहीं, कटौती को लेकर दिए ये संकेत

अमेरिकी फेड (US Fed) के फैसले के एक दिन बाद अब बैंक ऑफ इंग्लैंड (Bank of England) ने भी ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला किया। लगातार चौथी बार बैंक ऑफ इंग्लैंड ने इसमें कोई बदलाव नहीं किया। बैंक ऑफ इंग्लैंड ने ब्याज दरों को 5.25 फीसदी पर स्थिर रखा है जो करीब 16 साल का हाई लेवल है

अपडेटेड Feb 01, 2024 पर 7:22 PM
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बैंक ऑफ इंग्लैंड ने 2021 के आखिरी महीनों से लेकर पिछले साल की दूसरी छमाही में 14 बार ब्याज दरों में बढ़ोतरी की थी।

अमेरिकी फेड (US Fed) के फैसले के एक दिन बाद अब बैंक ऑफ इंग्लैंड (Bank of England) ने भी ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला किया। लगातार चौथी बार बैंक ऑफ इंग्लैंड ने इसमें कोई बदलाव नहीं किया। बैंक ऑफ इंग्लैंड ने ब्याज दरों को 5.25 फीसदी पर स्थिर रखा है जो करीब 16 साल का हाई लेवल है। एक दिन पहले भी अमेरिकी फेड ने भी लगातार चौथी बार दरों में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला लिया था और यह 5.25%-5.5% की रेंज में बनी हुई है। बैंक ऑफ इंग्लैंड का कहना है कि हाई इनफ्लेशन के चलते इसमें कटौती करना फिलहाल संभव नहीं है।

क्या है इंग्लैंड में इनफ्लेशन की स्थिति

बैंक ऑफ इंग्लैंड के गवर्नर एंड्रयू बैले का कहना है कि जब तक इस बात के संकेत नहीं मिल जाते हैं कि इनफ्लेशन बैंक के 2 फीसदी के टारगेट लिमिट तक गिरकर नहीं आ जाता है और यहां नहीं रुकता है, तब तक ब्याज दरों में कटौती मुश्किल होगी। लेटेस्ट ऑफिशियल डेटा के मुताबिक यूके (यूनाइटेड किंगडम) में इनफ्लेशन 3.9 फीसदी से बढ़कर 4.0 फीसदी पर पहुंच चुका है। हालांकि करीब ढाई साल पहले के मुकाबले इसमें काफी राहत आई है। अक्टूबर 2022 में यह 11.1 फीसदी पर पहुंच गया था जो 41 साल का हाई है। बैंक ऑफ इंग्लैंड ने आज गुरुवार को अनुमान लगाया कि इसका एनुअल इनफ्लेशन स्प्रिंग यानी मार्च से मई के बीच 2 फीसदी पर आ सकता है। हालांकि इसके बाद इसमें फिर तेजी दिख सकती है।


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14 बार BoE ने बढ़ाई ब्याज दरें

बैंक ऑफ इंग्लैंड ने 2021 के आखिरी महीनों से लेकर पिछले साल की दूसरी छमाही में 14 बार ब्याज दरों में बढ़ोतरी की थी। कोरोना महामारी के दौरान जो लॉकडाउन लगा था, उसके हटने के बाद वैश्विक स्तर पर महंगाई तेजी से बढ़ने लगी। रूस और यूक्रेन के बीच की जंग के चलते महंगाई और तेजी से उछलने लगी।

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