कैरिबियाई देश बारबाडोस (Barbados) अब नया गणतंत्र बन गया है। बारबाडोस ने सोमवार की देर रात ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय को अपने राष्ट्र के प्रमुख के रूप में त्याग दिया और खुद को एक नया गणतंत्र घोषित किया। यह 54 कॉमनवेल्थ देशों में तो यह गिना जाएगा, लेकिन अब यहां ब्रिटेन की महारानी का शासन नहीं होगा। बारबाडोस ने इसी के साथ ही करीब 400 पुराने अपने औपनिवेशिक संबंध को समाप्त कर दिया और देश में पहली बार राष्ट्रपति पद की शपथ दिलाई गई।
बारबाडोस के एक गणतंत्र में तब्दील होने के अवसर पर आयोजित समारोह की शुरुआत सोमवार देर रात में हुई जिसमें ब्रिटेन के राजकुमार चार्ल्स सहित कई नेताओं और गणमान्य व्यक्तियों ने हिस्सा लिया। इस समारोह का आयोजन उस लोकप्रिय चौक पर हुआ जहां पिछले साल एक ब्रिटिश लॉर्ड की प्रतिमा हटाई गई थी।
इस अवसर पर रात में जमकर आतिशबाजी की गई। पूरे द्वीप में स्क्रीन लगाई गई थी ताकि लोग उस घटना को देख सकें जिसमें कई कलाकारों के साथ एक ऑर्केस्ट्रा का आयोजन किया गया। इसे ऑनलाइन भी प्रसारित किया गया, जिससे अमेरिका, कनाडा और उसके बाहर रहने वाले बोरबाडोस के नागरिकों ने उत्साह में संदेश पोस्ट किए।
एक दर्शक ने लिखा कि सभी को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं। गणतंत्र बनने का अभियान दो दशक से भी अधिक समय पहले शुरू हुआ था और इसका समापन द्वीप की संसद द्वारा पिछले महीने दो-तिहाई बहुमत से अपना पहला राष्ट्रपति चुने जाने के साथ हुआ।
बारबाडोस के इस कदम ने उन पूर्व ब्रिटिश ओपनिवैशिक देशों को भी सोचने को मजबूर कर दिया है जो महारानी एलिजाबेथ को अभी भी संप्रभु मानते हैं। बीबीसी के मुताबिक, बारबाडोस ने महारानी एलिजाबेथ द्वितीय को राष्ट्र प्रमुख के तौर पर त्याग दिया है लेकिन वो अभी भी 15 अन्य देशों की महारानी हैं। इनमें ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और जमैका जैसे देश शामिल हैं।