China-Pakistan News : चीन ने पाकिस्तान में अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए उससे सैन्य चौकियों की मांग की है। हाल में पाकिस्तान में चीनी नागरिकों और बेल्ट एंड रोड इनीशिएटिव (Belt and Road Initiative) यानी BRI के चाइना-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) पर आतंकी हमलों के बीच चीन ने यह कदम उठाया है।
सीएनएन-न्यूज18 ने इस्लामाबाद में डिप्लोमैटिक सूत्रों के हवाले से बताया, चीन अपने नागरिकों और CPEC प्रोजेक्ट्स के लिए लंबे समय से पाकिस्तान से सुरक्षा की मांग कर रहा है।
उसने अब कोल्ड वार और आतंकवाद के खिलाफ युद्ध के दौरान अमेरिका के प्रभाव में रहीं या इस्तेमाल की गईं सैन्य चौकियों की मांग की है।
आत्मघाती हमले में मारे गए थे 3 चीनी टीचर
26 अप्रैल को एक बुर्का पहने बलोच महिला आत्मघाती हमलावर ने पाकिस्तान के कंफ्यूसियस इंस्टीट्यूट के पास खुद को बम से उड़ा दिया था, जिसमें हेड ऑफ द डिपार्टमेंट के साथ ही चीन के तीन शिक्षक मारे गए थे। साथ ही उनका एक स्थानीय ड्राइवर भी शामिल था।
इंस्टीट्यूट के पाकिस्तानी डायरेक्टर डॉ. नादिर उद्दीन ने कहा कि मारे गए टीचर्स के शवों के साथ बाकी 12 टीचर चीन चले गए हैं। प्रतिबंधित बलोचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) लिंक्ड मजीद ब्रिगेड ने टीचर्स पर हुए इस हमले की जिम्मेदारी ली थी।
निर्माणाधीन हैं CPEC प्रोजेक्ट्स
सीपीईसी में शामिल कई अहम प्रोजेक्ट्स अभी निर्माणाधीन हैं। सूत्रों ने यह भी कहा कि बीजिंग की तरफ से इस्लामाबाद के सामने कठिन शर्तें रखी गई हैं और सैन्य चौकियों के लिए दबाव बनाने के लिए कर्ज के नवीनीकरण की मांग की जा रही है।
पाकिस्तान फिलहाल नकदी के संकट से जूझ रहा है और उसे सऊदी अरब, यूएई, चीन और मलेशिया जैसे मित्र देशों से कोई वित्तीय समर्थन नहीं मिल रहा है। यहां तक कि अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) का पाकिस्तान के लिए कर्ज प्रोग्राम ‘गंभीर स्थिति’ में पहुंच गया है और आईएमएफ से अगले चरण की बातचीत हाल में दोहा, कतर में पूरी हुई है।
पावर प्लांट बंद कर सकती हैं चीनी कंपनियां
300 अरब रुपये से ज्यादा के बकाये के साथ, पाकिस्तान में काम कर रहीं चीन की दो दर्जन से ज्यादा कंपनियों ने कहा कि अग्रिम भुगतान नहीं होने की स्थिति में वे इस महीने अपने पावर प्लांट्स बंद करने पर मजबूर हो जाएंगी।