2023 की शुरुआत में चीन की इकोनॉमी (Economy of China) ने तेज रफ्तार दिखाई थी। पिछले तीन साल से कोरोना की महामारी की वजह से 'जीरो लॉकडाउन' से यह बाहर आ रही थी। लेकिन, यह रफ्तार बहुत जल्द सुस्त पड़ गई। अभी चीन की इकोनॉमी लड़खड़ाती दिख रही है। दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी इकनॉमी में सुस्ती का असर दुनियाभर के स्टॉक मार्केट्स पर पड़ा है। जनवरी के अपने हाई लेवल से चीन का स्टॉक मार्केट 10 फीसदी गिर चुका है। अमेरिका के S&P 500, जापान के Nikkei, हांगकांग के Hang Seng और Nifty में हाल में गिरावट देखने को मिली है।
युवाओं के बीच बेरोजगारी चरम पर
चीन की इकोनॉमी की प्रॉब्लम्स उसके कुछ फैसलों से और बढ़ गई है। चीन की सरकार ने युवाओं के बीच बेरोजगारी के आंकड़े जारी करने पर रोक लगाने का फैसला किया है। कई लोगों का मानना है कि इस डेटा से देश की इकोनॉमी की स्थिति का संकेत मिलता था। जून में 16 से 24 साल के युवाओं में बेरोजगारी की दर शहरों क्षेत्रों में बढ़कर 20 फीसदी से ऊपर चली गई थी। आफिशियल डेटा के मुताबिक जुलाई में चीन में सामान्य बेरोजगारी 5.3 फीसदी पर पहुंच गई।
तीन महीने में इंटरेस्ट रेट में दो बार कमी
हाल में चीन की इकोनॉमी की रफ्तार बढ़ाने के लिए चीन के केंद्रीय बैंक पीपल्स बैंक ऑफ चाइना ने इंटरेस्ट रेट में कमी की। तीन महीनों के अंदर दूसरी बार इंटरेस्ट रेट में कमी की गई है। घटती क्रेडिट ग्रोथ और बढ़ते डिफ्लेशन को देखते हुए जुलाई में मॉनेटरी पॉलिसी को नरम बनाने के कदम उठाए गए। माना गया कि इन कदमों सें आर्थिक सुस्ती पर रोक लगेगी।
आर्थिक ग्रोथ के अनुमान घटाए गए
चार बड़ी वित्तीय संस्थाओं ने इस साल चीन की आर्थिक ग्रोथ के अनुमान में कमी की है। चीन की बड़ी रियल एस्टेट कंपनी Country Garden के कर्ज चुकाने की क्षमता पर संदेह बढ़ा है। कंपनी के डिफॉल्ट करने पर स्थिति और खराब हो सकती है। सरकार ने बड़ी रियल एस्टेट कंपनियों को ज्यादा कर्ज लेने से रोकने के लिए 2020 में नए नियम बनाए थे। इसका रियल एस्टेट कंपनियों पर खराब असर पड़ा। एक समय चीन की सबसे बड़ी रियल एस्टेट कंपनी Evergrande 2021 में कर्ज पर डिफॉल्ट करने पर मजबूर हो गई। पिछले दो साल में उसका कुल नकुसान 581 अरब यूआन बताया जा रहा है।
रिटेल सेल्स, इंडस्ट्रियल आउटपुल और इनवेस्टमेंट एक्सपेक्टेशंस के डेटा से चीन की इकोनॉमी की खराब स्थिति का संकेत मिलता है। इसकी वड़ी वजह कमजोर कंज्यूमर डिमांड है। इससे चीन की इकोनॉमी डिफ्लेशन में जा रही है। इससे चीन पर ग्रोथ को तेज करने वाले उपाय शुरू करने के लिए दबाव बढ़ रहा है।