दुनियाभर में स्टॉक मैनेजर्स थोड़े दबाव में दिख रहे हैं। दरअसल चीन की इकोनॉमी (China Economy) में सुस्ती का असर ग्लोबल कंपनियों पर दिख रहा है। इसकी वजह यह है कि इन कंपनियों की दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी पर काफी निर्भरता है। एक समय चीन की कंपनियों में निवेश को रिटर्न गारंटी माना जाता था। लेकिन, अब हालात उलट हो गए हैं। चीन का रियल एस्टेट मार्केट मुश्किल में है। यह प्रॉब्लम दूसरे सेक्टर में भी क्राइसिस की वजह बन सकता है। अभी तो सिर्फ चीन की कंपनियों के शेयरों में बिकवाली दिखी है। लेकिन, यूरोप, अमेरिका और एशियाई देशों की ऐसी कंपनियों पर भी दबाव दिख रहा है, जिनके रेवेन्यू में चीन की डिमांड का बड़ा हाथ है।
