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दूसरों के लिए मुश्किलें पैदा करने वाला चीन खुद जाल में फंसता जा रहा, जानिए कैसे

चीन में मार्च में प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (PPI) बढ़कर 8.3 फीसदी पर पहुंच गया। इसमें सप्लाई में दिक्कत और एनर्जी की कीमतों में उछाल का बड़ा हाथ है। एक के बाद एक लॉकडाउन और यूक्रेन क्राइसिस का असर कीमतों पर पड़ा है

MoneyControl Newsअपडेटेड Apr 11, 2022 पर 12:55 PM
दूसरों के लिए मुश्किलें पैदा करने वाला चीन खुद जाल में फंसता जा रहा, जानिए कैसे
एक्सपर्ट्स ने आने वाले दिनों में महंगाई और बढ़ने का आशंका जताई है। उनका यह भी मानना है कि अगर हालात में सुधार नहीं आया तो चीन 2022 में 5.5 फीसदी जीडीपी ग्रोथ के लक्ष्य को हासिल करने से चूक जाएगा।

दूसरों के लिए मुश्किलें पैदा करने वाला चीन खुद जाल में फंसता जा रहा है। वहां कोरोना की नई लहर कहर बरपा रही है। शंघाई कई दिन से लॉकडाउन में है। बताया जा रहा है कि लोगों तक खानेपीने की चीजें नहीं पहुंच पा रही है। महंगाई बहुत बढ़ गई है। मार्च में महंगाई में अनुमान से ज्यादा उछाल आया। चीन दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी है।

PPI 8.3 फीसदी पर पहुंचा

चीन में मार्च में प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (PPI) बढ़कर 8.3 फीसदी पर पहुंच गया। इसमें सप्लाई में दिक्कत और एनर्जी की कीमतों में उछाल का बड़ा हाथ है। एक के बाद एक लॉकडाउन और यूक्रेन क्राइसिस का असर कीमतों पर पड़ा है। हालांकि, फरवरी के मुकाबले पीपीआई कम है, लेकिन यह अब भी इकोनॉमिस्ट्स के अनुमान से ज्यादा है। मार्च में सर्विसेज सेक्टर में एक्टिविटीज में दो साल में सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिली।

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