Silicon Value Bank के बंद होने से सिर्फ डिपॉजिटर्स के लिए ही बड़ी समस्या पैदा नहीं हुई है। उन कंपनियों को भी अपना पैसा डूबने की फिक्र है, जिन्होंने इस बैंक को कर्ज दिए थे। इसी वजह से Silicon Valley Bank की पेरेंट कंपनी को कर्ज देने वाली कंपनियों ने एक ग्रुप बनाया है। एसवीबी के बैंकरप्सी अप्लिकेशन फाइल करने की आशंका को देखते हुए यह ग्रुप बनाया गया है। वॉल स्ट्रीट जनर्ल ने मंगलवार को यह खबर दी है। उसने मामले से जुड़े लोगों के हवाले से यह खबर दी है।
पिछले हफ्ते SVB बंद होने का ऐलान हुआ था
पिछले हफ्ते SVB को बंद करने का ऐलान किया गया था। 13 मार्च को इस बैंक ने कहा कि वह स्टेटेजिक अल्टरनेटिव्स पर विचार कर रही है। उसने रीस्ट्रक्चरिंग के एक एक्सपर्ट को भी हायर किया है। कंपनी ने यह नहीं कहा कि वह बैंकरप्सी फाइलिंग का कोई प्लान बना रही है। जिन कंपनियों ने SVB की पेरेंट कंपनी को कर्ज दिए हैं, उनमें Centerbridge Partners, Davidson Kempner Capital Management और Pacific Investment Management Co शामिल हैं। वॉल स्ट्रीट जर्नल की खबर में कहा गया है कि PJT पार्टनर्स इन कंपनियों की सलाह दे रहा है। इस बारे में इन कंपनियों ने रायटर्स के सवालों के जवाब नहीं दिए।
डिपॉजिटर्स में डर का माहौल
Silicon Valley Bank के डूबने की खबर ने फाइनेंशियल मार्केट्स खासकर अमेरिकी बैंकिंग सेक्टर को हिला दिया है। बताया जाता है कि कई छोटे-बड़े बैंकों की भी हालत खराब है। उनके डूबने की भी खबर आ सकती है। इस वजह से डिपॉजिटर्स डरे हुए हैं। कई बैंकों की ब्रांच के बाहर डिपॉजिटर्स की लाइन देखने को मिली है। सरकार ने कहा है कि बैंकों में डिपॉजिटर्स का पैसा पूरी तरह सुरक्षित है। इसके बावजूद डिपॉजिटर्स डरे हुए हैं।
इंडिया में बैंकिंग सेक्टर को खतरा नहीं
एक्सपर्ट्स का कहना है कि किसी बड़े बैंक के डूबने का स्तर कई तरह से पड़ता है। इधर, इंडिया में भी सिलिकॉन वैली बैंक के डूबने की बहुत चर्चा है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस घटना का असर इंडियन बैंकिंग सेक्टर पर नहीं पड़ेगा। इसकी वजह यह है कि इंडिया में बैंकों की सेहत अच्छी है। इसलिए इंडिया में डिपॉजिटर्स को अपने पैसे की सुरक्षा के लिए किसी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है।