दुनिया के कई देशों में मंगलवार की सुबह डरावनी रही। लोग गहरी नींद में सोए हुए थे। तभी धरती कांप उठी। इससे लोग सहम गए। आज (7 नवंबर) भारत समेत नेपाल, चीन, भूटान, बांग्लादेश समेत कई देशों में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। नेपाल में भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 7.1 मापी गई। इसका सबसे बड़ा असर तिब्बत में भी देखने को मिला। वहीं भारत के कई राज्यों में धरती के डोलने की खबर सामने आई है। बिहार, दिल्ली-NCR, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, सिक्किम और तिब्बत में भूकंप के तेज झटके महसूस किए। तिब्बत में 6.8 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया।
भारत में माल्दा समेत उत्तर बंगाल के कुछ हिस्सों और सिक्किम में भी धरती हिलती रही। बिहार के मोतिहारी और समस्तीपुर समेत कई इलाकों में सुबह 6.40 बजे के आसपास भूकंप के झटके महसूस हुए। कहा जा रहा है कि पांच सेकंड तक धरती हिलती रही। इसका केंद्र नेपाल बॉर्डर के पास तिब्बत बताया जा रहा है, जहां इसकी तीव्रता 7.1 मापी गई है। वहीं नेपाल के काठमांडू, धाडिंग, सिंधुपालचौक, कावरे, मकवानपुर और कई अन्य जिलों में झटके महसूस किए गए।
राजधानी पटना में सुबह करीब 6:32 बजे से झटके लगने शुरू हुए। पहले हल्के झटके लगे। इसके बाद तेजी से धरती हिली। सुबह में नींद में सोए लोग भूकंप के झटकों की वजह से जग गए। सोसायटी में हड़कंप मच गया। लोग घरों से बाहर निकल कर खुले में पहुंच गए। पटना, गोपालगंज, भागलपुर और आसपास के इलाकों में यह झटके महसूस किए गए। भूकंप का केंद्र नेपाल में गोकर्णेश्वर से 3 किलोमीटर था। गोकर्णेशवर में धरती से 10 किलोमीटर की गहराई में भूकंप का केंद्र था। भूकंप की तीव्रता 7.01 मैग्नीट्यूड बताई जा रही है। शुरुआती जानकारी नेपाल के लोबुचे से 84 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में 7.01 तीव्रता का भूकंप आया। जिसकी गहराई 10 किलोमीटर थी। इसका असर पूरे उत्तर बिहार और पटना तक दिखा।
पश्चिम बंगाल में डोली धरती
पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में सुबह (7 जनवरी) 6:37 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए। यह करीब 15 सेकंड तक रहे। इसके अलावा जलपाईगुड़ी में सुबह 6:35 बजे और उसके कुछ समय बाद कूच बिहार में भी झटके महसूस किए गए। अभी तक किसी तरह के नुकसान या हताहत होने की खबर नहीं आई है। अधिकारियों ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में कांपी धरती
वहीं उत्तर प्रदेश में सुबह-सुबह से भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। तेज भूकंप के झटकों से कई लोगों की आंख खुली। 10 सेकेंड से अधिक समय तक धरती हिली दिखी। ऐसे में घरों को हिलता देख फौरन लोग बाहर निकलने लगे। लेकिन बाहर ठंडी हवाओं और कोहरे का आतंक था। जिससे लोगों को कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। लखनऊ से गोरखपुर तक भूकंप के झटके महसूस किए गए। इसके अलावा वाराणसी, भदोही, चंदौली, जौनपुर से भी भूकंप के झटके लगने की जानकारी सामने आई है।
चीन में भूकंप के बार-बार लगे झटके
सुबह 6:35 बजे आए 7.1 की तीव्रता से भूकंप के बाद भी झटके थम नहीं रहे हैं। एक के बाद एक भूकंप आने से लोग सहमे हुए हैं। चीन के ज़िज़ांग में दूसरा झटका 7:02 बजे महसूस किया गया। इसकी तीव्रता 4.7 रही। फिर 07:07 बजे तीसरा भूकंप आया। यह भूकंप भी चीन के ज़िज़ांग से ही आया है। इसकी तीव्रता 4.9 रही।
भूगर्भ वैज्ञानिकों के मुताबिक, भूकंप की असली वजह टेक्टोनिकल प्लेटों में तेज हलचल होती है। इसके अलावा उल्का प्रभाव और ज्वालामुखी विस्फोट, माइन टेस्टिंग और न्यूक्लियर टेस्टिंग की वजह से भी भूकंप आते हैं। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता मापी जाती है। इस स्केल पर 2.0 या 3.0 की तीव्रता का भूकंप हल्का होता है, जबकि 6 की तीव्रता का मतलब शक्तिशाली भूकंप होता है।