इजरायली सेना ने बुधवार को कहा कि दक्षिणी लेबनान में लड़ाई में उसके आठ सैनिक मारे गए हैं। ईरान समर्थित लेबनानी आतंकवादी समूह हिजबुल्लाह के साथ संघर्ष के एक पिछले एक साल में लेबनान के मोर्चे पर इजरायल के लिए ये सबसे घातक दिन है। IDF ने X पर एक पोस्ट किया, “कैप्टन ईटन इत्जाक ओस्टर, कैप्टन हेरेल एटिंगर, कैप्टन इटाई एरियल गियाट, सार्जेंट फर्स्ट क्लास नोम बरजिले, सार्जेंट फर्स्ट क्लास या मंटजूर, सार्जेंट फर्स्ट क्लास नजर इटकिन, स्टाफ सार्जेंट अल्मकेन टेरेफे और स्टाफ सार्जेंट इडो ब्रॉयर, सभी हिजबुल्लाह आतंकवादियों के खिलाफ लड़ाई के दौरान दक्षिणी लेबनान में शहीद हो गए।"
इसराइल की ओर से दक्षिणी लेबनान में जमीनी घुसपैठ शुरू करने के ठीक एक दिन बाद इन मौतों की जानकारी मिली, जिससे इसके उत्तरी मोर्चे पर संघर्ष तेज हो गया। इजरायली सैनिक लेबनानी इलाके के अंदर हिजबुल्लाह आतंकवादियों के साथ आमने-सामने की लड़ाई लड़ रहे हैं, क्योंकि दोनों पक्षों ने अलग-अलग बयानों में जारी लड़ाई की पुष्टि की है।
इजरायल का तीन टैंक नष्ट करने का दावा
हिजबुल्लाह को इस पूरे इलाके के सबसे शक्तिशाली गैर-राज्य सैन्य समूहों में से एक माना जाता है। उसने दावा किया कि बुधवार की लड़ाई के दौरान तीन इजरायली मर्कवा टैंक नष्ट हो गए।
हिजबुल्लाह के मुताबिक, टैंक सीमा के पास मारून अल-रास गांव की ओर बढ़ रहे थे। इजरायली सैन्य सूत्रों ने, टैंकों के हुए नुकसान के जिक्र नहीं करते हुए, कहा कि उनकी जमीनी सेना ने एयर फोर्स की सपोर्ट से नजदीकी एनकाउंटर में हिजबुल्लाह लड़ाकों को मार डाला था।
ये नया अपडेट तब आया, जब इजरायल लगातार इलाके में अपनी सेना को आगे बढ़ा रहा है, लेबनान सीमा पर अतिरिक्त सैनिक और आर्टिलरी भेज रहा है।
पूरे मिडिल ईस्ट में बढ़ गया तनाव
इस बीच, पूरे मध्य पूर्व में तनाव बढ़ रहा है। क्योंकि ईरान, जो हिजबुल्लाह और हमास दोनों का समर्थन करता है, वो भी अब इस संघर्ष में शामिल हो गया है।
अमेरिका ने पहले ही इजरायल के समर्थन में इस इलाके में अपनी सेना की तैनात कर दी है, जिससे अंतरराष्ट्रीय भागीदारी का खतरा भी बढ़ गया है।
इजरायल ने तब तक अपना सैन्य अभियान जारी रखने की कसम खाई है, जब तक कि हिजबुल्लाह इजरायल में रॉकेट दागना बंद नहीं कर देता और शांति बहाल नहीं हो जाती।
अपनी ओर से, हिजबुल्लाह ने कहा है कि वह गाजा में युद्धविराम होने तक अपने हमले जारी रखेगा। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, पिछले दो हफ्तों में, इजरायली हमलों में लेबनान में 1,000 से ज्यादा लोग मारे गए हैं, जिनमें कई महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।