इमरान खान और उनकी पत्नी पर अरबों रुपए की रिश्वत लेने का आरोप, क्या है अल-कादिर ट्र्स्ट केस, जिसमें हुई PTI प्रमुख की गिरफ्तारी
इस्लामाबाद पुलिस ने IG अकबर नासिर खान के हवाले से एक बयान जारी किया, जिसमें कहा गया था कि इमरान को अल कादिर ट्रस्ट मामले (Al-Qadir Trust Case) में गिरफ्तार किया गया था। इसमें आरोप लगाया गया था कि PTI प्रमुख और उनकी पत्नी ने 50 अरब रुपए को वैध बनाने के लिए एक रियल एस्टेट फर्म से अरबों रुपए और सैकड़ों कनाल की जमीन हासिल की
MoneyControl News
अपडेटेड May 10, 2023 पर 3:22 PM
इमरान खान और उनकी पत्नी पर अरबों रुपए की रिश्वत लेने का आरोप (FILE PHOTO)
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के प्रमुख और देश के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) को मंगलवार को इस्लामाबाद हाई कोर्ट (IHC) के बाहर से गिरफ्तार कर लिया गया था। खान IHC में दो केस की सुनवाई के लिए पहुंचे थे। इसके बाद, इस्लामाबाद पुलिस ने IG अकबर नासिर खान के हवाले से एक बयान जारी किया, जिसमें कहा गया था कि इमरान को अल कादिर ट्रस्ट मामले (Al-Qadir Trust Case) में गिरफ्तार किया गया था। इसमें आरोप लगाया गया था कि PTI प्रमुख और उनकी पत्नी ने 50 अरब रुपए को वैध बनाने के लिए एक रियल एस्टेट फर्म से अरबों रुपए और सैकड़ों कनाल की जमीन हासिल की।
नेशनल अकाउंटेबिलिटी ब्यूरो (NAB) ने बुधवार को अल-कादिर ट्रस्ट मामले की सुनवाई के दौरान इमरान खान की 14 दिन की रिमांड मांगी। ये सुनवाई उसी जगह हुई, जहां उन्हें हिरासत में रखा गया है।
मंगलवार को गिरफ्तारी के बाद इमरान खान को पूछताछ के लिए रावलपिंडी के गैरीसन शहर में मुख्यालय ले जाया गया।
बाद में, खान की गिरफ्तारी पर सुरक्षित फैसले की घोषणा करते हुए, इस्लामाबाद उच्च न्यायालय (IHC) ने कहा कि गिरफ्तारी कानूनी थी। इसलिए, खान की कानूनी टीम आज सुप्रीम कोर्ट में उनकी गिरफ्तारी को चुनौती देने की तैयारी कर रही है।
क्या है अल कादिर ट्रस्ट केस?
दरअसल ये सब करीब 5 साल पहले शुरू हुआ, जब UK की नेशनल क्राइम एजेंसी (NCA) ने 19 करोड़ पाउंड में प्रॉपर्टी दिग्गज मलिक रियज के परिवार से सेटलमेंट के लिए तैयार हुई।
NCA की तरफ से जारी बयान के अनुसार, सेटलमेंट में ब्रिटेन की एक संपत्ति - 1 हाइड पार्क प्लेस, लंदन, W2 2LH शामिल थी, जिसकी वैल्यू लगभग 50 मिलियन पाउंड थी और सभी धनराशि मलिक रियाज के फ्रीज अकाउंट में आ गई।
यूके में रियाज की संपत्ति की जांच के लिए NCA का पहला कदम दिसंबर 2018 में सामने आया। ये जांच पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के सत्ता में आने के तुरंत बाद शुरू हुई थी।
14 अगस्त, 2019 को जारी एक प्रेस रिलीज में एजेंसी ने कहा: "NCA को कुल 100 मिलियन पाउंड से ज्यादा के आठ बैंक अकाउंट पर रोक लगाने के आदेश दिए गए हैं। ऐजेंसी को शक है कि एक विदेशी राष्ट्र में रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार से ये सब हासिल किया गया। दिसंबर 2018 में एक सुनवाई के बाद एक लिंक्ड व्यक्ति की तरफ से रखे गए लगभग 2 करोड़ पाउंड को फ्रीज कर दिया गया था।"
उस साल की शुरुआत में, पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने रियाज की 460 अरब रुपए की पेशकश को उसकी रियल एस्टेट फर्म, बहरिया टाउन लिमिटेड की तरफ से सेटलमेंट बकाया के रूप में स्वीकार कर लिया था। ये पाया गया था कि उसने मालिर जिले में कराची के बाहरी इलाके में हजारों एकड़ जमीन अवैध रूप से खरीदी थी।
NCA के फैसले के कुछ घंटों बाद, मलिक रियाज ने ट्वीट किया था कि बरामद राशि 460 अरब रुपए के जुर्माने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएगी।
इसके बाद पैसा पाकिस्तान सरकार के अकाउंट की बजाय सुप्रीम कोर्ट के खातों में ट्रांसफर कर दिया गया। जब NCA ने 3 दिसंबर को अपने फैसले की घोषणा की थी, जवाबदेही पर प्रधान मंत्री (SAPM) के विशेष सहायक मिर्जा शहजाद अकबर ने दावा किया था कि पैसा सीधे सरकार के पास आएगा।
बाद में इस अस्पष्टता पर सवाल किए जाने पर, SAPM अकबर ने जवाब दिया था, "क्या सुप्रीम कोर्ट सरकार का हिस्सा नहीं है? इसलिए अगर पैसा शीर्ष अदालत में जाता है, तो इसका मतलब है कि पैसा सरकार के पास ही आया है।”
SAPM ने ब्रिटेन समेत मामले में शामिल पक्षों के बीच गोपनीयता की शर्तों का हवाला देते हुए, पैसे की उत्पत्ति और इसे विदेशों में कैसे छिपाया गया था, इन सवालों के जवाब देने से इनकार कर दिया था।
उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "हमने ब्रिटेन सरकार के साथ गोपनीयता का करार किया है और इसलिए हम मामले के ब्योरे के बारे में बात नहीं कर सकते।"
इमरान के खिलाफ केस
जून 2022 में, कथित तौर पर मलिक रियाज और उनकी बेटी के बीच टेलीफोन पर हुई बातचीत के एक कथित ऑडियो लीक के बाद मामला फिर से सुर्खियों में आ गया, जिसमें दोनों को इमरान खान की पत्नी बुशरा बीबी की दोस्त फराह खान उर्फ गोगी की कथित मांगों के बारे में बात करते हुए सुना जा सकता है।
महिला, जिसे रियाज की बेटी माना जाता है, उसने अपने पिता को बताया कि फराह ने उसे बताया था कि (पूर्व) प्रथम महिला ने उसे तीन कैरेट हीरे की अंगूठी स्वीकार नहीं करने के लिए कहा था और पांच कैरेट की मांग की थी।
इसके बाद, रियाज ने किसी भी राजनीतिक मामले में अपनी भूमिका से इनकार किया था। एक ट्वीट में लीक हुई ऑडियो क्लिप को उनके और उनकी बेटी के नाम से "मनगढ़ंत" करार दिया था।
इसके एक हफ्ते बाद 14 जून को, आंतरिक मंत्री राणा सनाउल्लाह ने इमरान और उनकी पत्नी पर मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रियल एस्टेट फर्म के बचाव के लिए 5 अरब रुपये और सैकड़ों कनाल जमीन लेने का आरोप लगाया था।
इस्लामाबाद में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए, सनाउल्लाह ने कहा कि बहरिया टाउन ने ब्रिटेन में एक पाकिस्तानी नागरिक को 50 अरब रुपए "अवैध रूप से ट्रांसफर" किए थे। उन्होंने कहा कि ट्रांजैक्शन की पहचान ब्रिटेन की राष्ट्रीय अपराध एजेंसी की तरफ की गई थी, जिसने बाद में तत्कालीन PTI सरकार को अपराध के बारे में जानकारी भी दी थी।
सनाउल्लाह ने दावा किया कि उस समय के प्रधान मंत्री इमरान ने मामले को हल करने के लिए जवाबदेही पर पूर्व पीएम के सहयोगी शहजाद अकबर को काम सौंपा था। अकबर ने पूरे मामले को "निबटा" दिया, जबकि 50 अरब रुपए का गबन कर लिया, जो कि सरकार की संपत्ति थी और राष्ट्रीय खजाने से जुड़ा था।
अगले दिन, संघीय कैबिनेट ने जांच के लिए एक समिति बनाई गई। इस मामले में इमरान और उनकी पत्नी बुशरा की कथित संलिप्तता है।
सनाउल्लाह के अनुसार, बहरिया टाउन ने अल-कादिर ट्रस्ट को सैकड़ों एकड़ जमीन दान की थी, जिसमें रियल एस्टेट डेवलपर के दानदाताओं और पूर्व प्रमुख इमरान की पत्नी बुशरा खान के हस्ताक्षर थे।
NAB के हाथों में मामला
रियल एस्टेट कारोबारी मलिक रियाज और पीटीआई के अध्यक्ष इमरान खान के करीबी सहयोगियों पर शिकंजा कसने की कोशिश में, राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (NAB) ने रियाज और दूसरे लाभार्थियों को 1 दिसंबर को पेश होने के लिए कहा।
इसने कहा कि अधिकार के दुरुपयोग, वित्तीय लाभ और विश्वास के आपराधिक उल्लंघन के आरोपों की जांच से पता चला है कि अली रियाज मलिक और अन्य ने पाकिस्तान सरकार को धन के प्रत्यावर्तन के लिए ब्रिटेन की राष्ट्रीय अपराध एजेंसी के साथ एक आउट-ऑफ-कोर्ट समझौता किया था।
NAB ने इससे पहले पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के मंत्रिमंडल के 21 सदस्यों को नोटिस भेजा था। उनमें से प्रमुख थे: गुलाम सरवर खान, मुराद सईद, परवेज खट्टक, शफकत महमूद, शिरीन मजारी, अली हैदर जैदी, हम्माद अजहर और जुल्फी बुखारी।