शेख हसीना ने नहीं मानी थी भारत की ये बात, सेना अध्यक्ष को लेकर दी थी चेतावनी? वकर-उज-जमान का चीन की तरफ ज्यादा झुकाव!
Bangladesh Violence: इस बीच ऐसी भी खबरें आई हैं कि शेख हसीना को तब सतर्क किया गया था, जब वे वकर-उज-जमान को सेना अध्यक्ष बनाने वाली थीं। यहां तक की भारत ने भी उन्हें ऐसा न करने की सलाह दी थी, लेकिन उन्होंने किसी की नहीं मानी और वकर के आर्मी चीफ बना दिया
Bangladesh Violence: शेख हसीना ने नहीं मानी थी भारत की ये बात, सेना अध्यक्ष को लेकर दी थी चेतावनी?
शेख हसीना ने सोमवार को जब प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दिया और देश छोड़ कर भाग निकलीं, तब उनके बाद जो एक नाम चर्चाओं में था, वो थे सेना प्रमुख वकर-उज-जमान... उन्होंने ही आधिकारिक तौर पर हसीने के इस्तीफे और उनके देश छोड़ने की जानकारी दी थी। साथ ही उन्होंने ये भी ऐलान किया था कि देश में अब एक अंतरिम सरकार बनाई जाएगी। अब ऐसे भी कयास लगाए जा रहे हैं कि वकर-उज-जमान को नियुक्त करना भी शेख हसीना के लिए एक नुकसान वाला फैसला रहा।
इस बीच ऐसी भी खबरें आई हैं कि शेख हसीना को तब सतर्क किया गया था, जब वे वकर-उज-जमान को सेना अध्यक्ष बनाने वाली थीं। यहां तक की भारत ने भी उन्हें ऐसा न करने की सलाह दी थी, लेकिन उन्होंने किसी की नहीं मानी और वकर के आर्मी चीफ बना दिया।
भारतीय अधिकारियों ने हसीना को चेताया
Hindustan Times के अनुसार, शीर्ष भारतीय अधिकारियों ने कथित तौर पर पिछले साल जनरल वकर-उज-जमान को सेना प्रमुख बनाए जाने संभावित जोखिमों के बारे में बांग्लादेश की पूर्व प्रधान मंत्री शेख हसीना को सचेत किया था।
उन्हें जमान के चीन की तरफ ज्यादा झुकाव को लेकर भी चेताया गया था। हालांकि, हसीना ने फिर भी जमान को नियुक्त किया। इस फैसले को भी उनके सत्ता से बेदखल होने के पीछे की एक अहम वजह माना जा रहा है।
क्यों सुलग रहा बांग्लादेश?
बांग्लादेश के सेना प्रमुख बनने के ठीक एक महीने बाद ही जनरल वकर-उज-जमान सुर्खियों में आ गए हैं, जब उन्होंने खुद प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफे की घोषणा की है, जो सोमवार को देश छोड़कर भाग गईं।
सरकारी नौकरियों में आरक्षण को खत्म करने की छात्रों की मांग को लेकर बांग्लादेश में पिछले महीने विरोध प्रदर्शन शुरू हुए और आगे चल कर ये हिंसा में तब्दील हो गए।
देखते ही देखते इसने हसीना को हटाने के लिए के एक बड़े अभियान का रूप ले लिया, जो 15 सालों से सत्ता में थीं और हाल ही में जनवरी में लगातार चौथी बार प्रधानमंत्री बनीं थीं।
कौन हैं वकर-उज-जमान?
58 साल के जमान ने 23 जून को तीन साल के लिए सेना प्रमुख का कार्यभार संभाला। बांग्लादेश में सेना अध्यक्ष कार्यकाल तीन साल का ही होता है।
1966 में ढाका में जन्मे वकर की शादी जनरल मुहम्मद मुस्तफिजुर रहमान की बेटी सारानाज कमालिका जमान से हुई, जो 1997 से 2000 तक सेना प्रमुख थे।
बांग्लादेश (Bangladesh) सेना की वेबसाइट के अनुसार, जमान के पास नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ बांग्लादेश से डिफेंस स्टडी में मास्टर डिग्री और किंग्स कॉलेज, लंदन से डिफेंस में मास्टर ऑफ आर्ट्स की डिग्री है।
30 साल से ज्यादा लंबा करियर
सेना प्रमुख बनने से पहले, उन्होंने छह महीने से कुछ ज्यादा समय तक जनरल स्टाफ का पद भी संभाला। इस पर रहते हुए उन्होंने बाकी चीजों के अलावा, मिलिट्री ऑपरेशन और इंटेलिजेंस, UN पीस ऑपरेशन में बांग्लादेश की भूमिका और बजट की देखरेख की।
साढ़े तीन दशक के करियर में, उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय के तहत सशस्त्र बल प्रभाग में चीफ स्टाफ अधिकारी के रूप में हसीना के साथ भी मिलकर काम किया है। सेना की वेबसाइट के अनुसार, जमान को सेना के आधुनिकीकरण के लिए भी जाना जाता है।
सेना का विपक्षी नेताओं को छोड़ने का ऐलान
रिपोर्ट के अनुसार, विपक्षी BNP नेता खालिदा जिया को रिहा करने के सेना के तुरंत फैसले ने ये भी संकेत दिया कि जमात-ए-इस्लामी और इस्लामी छत्रशिबिर जैसे इस्लामी गुट देश की राजनीति में प्रमुख खिलाड़ी बनने की संभावना है।
बताया गया कि शेख हसीना को बांग्लादेश सेना ने देश छोड़ने के लिए सिर्फ 45 मिनट का समय दिया था। कथित तौर पर हसीना बांग्लादेश छोड़ने से पहले राष्ट्र के नाम एक संदेश रिकॉर्ड करना चाहती थीं, लेकिन सेना ने उन्हें ऐसा करने नहीं दिया।