अमेरिका-भारत व्यापार परिषद की अध्यक्ष निशा देसाई बिस्वाल (Nisha Desai Biswal) ने कहा कि भारत-अमेरिका द्विपक्षीय संबंध वर्तमान में दुनिया के सामने मौजूद सबसे बड़ी चुनौतियों के समाधान में काफी अहम स्थान रखता है। उन्होंने कहा कि यह भारत-अमेरिका साझेदारी के महत्त्व को समझने के साथ व्यापार संबंध बढ़ाने का समय है।
बिस्वाल ने मंगलवार को पीटीआई को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि हम अब एक ऐसे चरण में पहुंच गए हैं जहां हमारी साझेदारी को केवल संभावित क्षमता के रूप में नहीं देखा जाता है, बल्कि अत्यंत महत्त्वपूर्ण भागीदार के रूप में देखा जाता है।
उन्होंने कहा कि कई मायनों में, अमेरिका-भारत संबंध आज दुनिया के सामने सबसे महत्वपूर्ण चुनौतियों का समाधान करने में अहम स्थान रखता है। वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पुनर्गठन से लेकर जलवायु परिवर्तन तक की समस्या से निपटने का मामला हो या हिंद-प्रशांत क्षेत्र और वैश्विक सुरक्षा का मुद्दा हो, जिनके समाधान में इस द्विपक्षीय संबंध की भूमिका अत्यंत महत्त्चपूर्ण है।
निशा ने कहा कि यह हमारे द्विपक्षीय संबंधों की केंद्रीयता के साथ-साथ व्यापार संबंधों को बढ़ाने का समय है। उन्होंने कहा कि हालांकि अमेरिका-भारत व्यापार लगातार बढ़ा है। 1999 में द्विपक्षीय व्यापार मात्र 16 अरब डॉलर का था जो बढ़कर 2019 में 146 अरब डॉलर का हो गया।
उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण मुद्दों पर लंबे समय से चली आ रही असहमति और दोनों देशों के बीच संरचनात्मक व्यापार समझौतों की कमी ने संबंधों की पूरी क्षमता का उपयोग करने के प्रयासों को धीमा कर दिया है। वबिस्वाल ने यह बात ऐसे समय में कही है जब अगले सप्ताह अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कैथरीन ताई की भारत यात्रा होने वाली है।