ईरान ने 1 अक्टूबर को इजराइल पर अपना सबसे बड़ा हमला किया, जिसमें उसने 180 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, उनमें से ज्यादातर को इजराइल, अमेरिका और जॉर्डन के एंटी मिसाइल सिस्टम ने रोक दिया था। इससे पहले अप्रैल में ईरान की तरफ से इसी तरह के हमले के बाद मध्य पूर्व में बिगड़ती स्थिति और भी भड़क गई है। इजरायल ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि उसे इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी, जबकि ईरान ने किसी भी बड़े हमले के जवाब में और भी ज्यादा बड़े आक्रमण की धमकी दी है।
ऐसे में आइए जानते हैं कि ईरान और इजरायल में कौन कितना ताकतवर है और किसके पास कितनी बड़ी सेना और हथियारों का कितना बड़ा जखीरा है।
इजरायल में कुल 170,000 एक्टिव सैनिक हैं, उनके सपोर्ट 4,65,000 रिजर्व और 35,000 अर्धसैनिक बल के जवान हैं। इसके उलट ईरान के पास 6,10,000 एक्टिव सैनिक, 3,50,000 रिजर्विस्ट और 2,20,000 अर्धसैनिक बलों के साथ बहुत बड़ी सेना है।
हवाई क्षमताओं की बात करें, तो इजरायल के पास 612 एयरक्राफ्ट हैं, जिसमें 241 फाइटर जेट और 146 हेलीकॉप्टर शामिल हैं, इसमें से 48 के अटैक हेलीकॉप्टर की कैटेगरी में रखा गया है।
इसके विपरीत, ईरान के पास कुल 551 विमान हैं, जिनमें 186 लड़ाकू विमान और 129 हेलीकॉप्टर शामिल हैं, जिनमें से 13 अटैक हेलीकॉप्टर हैं। यहां इजरायल का पलड़ा इसलिए भी भारी है, क्योंकि उसके पास 23 स्पेशल-मिशन एयरक्राफ्ट भी हैं।
जमीनी सेना के मामले में इजरायल 650 सेल्फ प्रोपेल्ड आर्टिलरी यूनिट्स और 150 रॉकेट आर्टिलरी सिस्टम के अलावा, 1,370 टैंक और 43,407 आर्मर्ड व्हीकल रखता है।
हालांकि, ईरान टैंकों की संख्या में इजरायल से आगे है, उसके पास 1,996 टैंक और 65,765 आर्मर्ड व्हीकल का एक बड़ा बेड़ा है। ईरान के पास 775 रॉकेट आर्टिलरी सिस्टम है।
इजरायल की नौसैनिक क्षमताएं सीमित हैं, इसमें कोई फ्रिगेट नहीं है। इसके पास पांच पनडुब्बियां हैं, साथ ही सात कार्वेट और 45 गश्ती जहाज भी हैं।
इसकी तुलना में, ईरान के पास सात फ्रिगेट और तीन पनडुब्बियां हैं, साथ ही 19 गश्ती जहाज और एक बारूदी माइन वारफेयर वेसल है, जो इस इलाके में एक मजबूत नौसैनिक उपस्थिति रखता है।
ईरान के नए मिसाइल हमले के बाद, इजरायली प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इसकी निंदा की, और कहा कि ईरान ने "बड़ी गलती की" और उसे परिणाम भुगतने होंगे।
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के अनुसार, ये मिसाइल हमला इजरायल के हाल के हमलों के जवाब में किया गया है, जिसमें हिजबुल्लाह प्रमुख हसन नसरल्लाह की हत्या भी कर दी गई थी।
संयुक्त राष्ट्र ने तत्काल युद्धविराम की अपील की हैस क्योंकि दोनों देश के बीच टकराव बढ़ना तय माना जा रहा है, जिससे मिडिल ईस्ट में और भी ज्यादा अशांति की आशंका पैदा हो रही है।