Israel Hamas War: पिछले दो सालों से इस हमले की तैयारी में जुटा था हमास! ईरान तक फैल सकती है इजरायल युद्ध की आग

Israel Hamas War: अमेरिका की CIA के बाद, मोसाद (MOSSAD) पश्चिम में दूसरी सबसे बड़ी जासूसी एजेंसी है। इसके एजेंट न केवल फिलिस्तीनी आतंकवादी समूहों के अंदर, बल्कि लेबनान, सीरिया और ईरान जैसे दुश्मन देशों में भी हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि इतनी तेज तर्रार खुफिया एजेंसी की नजरों से हमास कैसे बच गया

अपडेटेड Oct 10, 2023 पर 8:38 PM
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Israel Hamas War: पिछले दो सालों से इस हमले की तैयारी में जुटा था हमास!

Israel Hamas War: इजरायल (Israel) और फिलिस्तीन (Palestine) का दशकों पुराना विवाद अब एक जंग का रूप ले चुका है। जंग भी ऐसी, जिसके बारे में ये कहना बेहद मुश्किल है कि ये युद्ध कब तक चलेगा और कहां तक जाएगा। इजरायल डिफेंस फोर्स (IDF) ने कहा कि उसने मंगलवार सुबह गाजा पट्टी (Gaza Strip) के बॉर्डर पर दोबारा से कब्जा अपने हाथ में ले लिया है। यहीं से आतंकी संगठन हमास के लड़ाके फेंसिंग को नष्ट कर इजरायल में घुसे थे। करीब 72 घंटों के लंबे संघर्ष के बाद सेना गाजा बॉर्डर पर अपना कब्जा जमा पाई।

Times of Israel की खबर के मुताबिक, हमास के घातक हमले में 1,000 से ज्यादा इजरायली मारे गए या अपहरण कर लिए गए। इजरायल की वायुसेना गाजा पट्टी के कई इलाकों में जबरदस्त बमबारी कर रही है।

इस बीच, लगभग 300,000 रिजर्व सैनिकों ने संभावित जमीनी आक्रमण के लिए कमर कस ली है। इजरायल के अंदर अभी भी छिपे हुए आतंकवादियों का पता लगाने के लिए अभियान जारी है। इसके अलावा उत्तरी सीमा पर तनाव के कारण दूसरे मोर्चे पर संकट मंडराने लगा।


मोसाद की नजरों से कैसे बचा हमास?

अमेरिका की CIA के बाद, मोसाद (MOSSAD) पश्चिम में दूसरी सबसे बड़ी जासूसी एजेंसी है। इसके एजेंट न केवल फिलिस्तीनी आतंकवादी समूहों के अंदर, बल्कि लेबनान, सीरिया और ईरान जैसे दुश्मन देशों में भी हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि इतनी तेज तर्रार खुफिया एजेंसी की नजरों से हमास कैसे बच गया?

रक्षा और सामरिक मामलों के जानकार डॉ. कमर आगा ने Moneycontrol Hindi से खास बातचीत में कहा कि हर कोई एकदम परफेक्ट नहीं है। फुल सिक्योरिटी की बातें एक मिथक है। इजरायल पहले भी कई बार दावे करता आया है कि हमारे यहां परिंदा भी पर नहीं मार सकता, लेकिन पहले भी सुरक्षा चूक हुई है।

उन्होंने हमास के लड़ाकों की जिक्र करते हुए कहा, "जब आदमी मरने की सोच ले, तो उसे रोकना बहुत मुश्किल होता है।" उन्होंने ऐसा इसलिए कहा क्योंकि उनका मानना है कि हमास के जो लोग बॉर्डर क्रॉस करे इजरायल में घुसे हैं, या जिन्होंने इजरायल के इलाकों पर कब्जा किया हुआ है, वे अब जिंदा तो बिल्कुल नहीं लौट पाएंगे। शायद उन्होंने ये सब सोचकर ही ऐसा कदम उठाया होगा।

उन्होंने कहा कि इसमें कोई शक नहीं कि मीडिल ईस्ट में इजरायल सबसे ज्यादा ताकतवर है, लेकिन एक सच्चाई ये भी है कि मीडिया और प्रोपेगेंडा के जरिए इमेज बिल्डिंग काम ज्यादा किया जाता है। दुनिया को ये दिखाया जाता है कि हमें कोई छू नहीं सकता, हम सबसे ताकतवर हैं। लेकिन आप हर एक आदमी पर नजर नहीं रख सकते, हर एक विचारधारा को आप चेक नहीं कर सकते।

कमर आगा ने आगे कहा, "सिर्फ मोसाद ही नहीं, इजरायल की घरेलु एजेंसी शिन बेच भी है। इसके अलावा अमेरिका की CIA भी है, फिर भी इन लोगों को जरा भी भनक नहीं लगी। सबसे बड़ी बात ये है कि 15 सालों से गाजा पट्टी का पूरा कंट्रोल इजरायल के हाथ में था। उसकी इजाजत के बगैर न कोई आ सकता, न सकता है। फिर भी इतना बड़ा असलहा तैयार कर लिया और तीन तरफ से हमला किया"

उन्होंने हमास की तैयारियों पर बात करते हुए कहा, "इन कड़ी चौकसी के बाद भी इन लोगों इतना कुछ तैयार कर लिया। हो सकता है हमास ने चोरी छिपे सुरंग के जरिए ये सब सामान जुटाया हो। न ही किसी को ये मालूम उनके पास अभी कितने हथियार होंगे।"

आगा ने आगे बताया, "हमास की तकनीक में भी अब सुधार दिखा है। पहले इनके पास इतना सटीक और जबरदस्त मार देने वाले रॉकेट नहीं थे, लेकिन अब उन्होंने इसमें जबरदस्त सुधार किया है।"

विशेषज्ञ ने कहा, "इजरायल कहता था कि गाजा की सीमा पर लेजर फेंसिंग है। इसे कोई पार नहीं कर सकता है, लेकिन फिर भी हमास के लोगों ने उसे काट दिया। बुलडोजर से तोड़ अंदर घुस आए।"

कमर आगा ने हमास के पैराग्लाइडर को 'देसी' बताते हुए कहा, "ये सब उन्होंने खुद बनाए हैं। पैराग्लाइडर से भी उन्होंने हमला किया। एक तरह से उन्होंने इसे अपनी वायुसेना बना ली। पैराशूट कहीं से तस्कर किया होगा। समुद्र के रास्ते से भी आ गए।"

उन्होंने 9/11 हमले का जिक्र करते हुए कहा, "मैं नहीं समझा कि कोई भी देश पूरी तरह से अपनी फुलप्रूफ सिक्योरिटी कर सकता है। आप देखिए कि 9/11 हमले से पहले उसकी पूरी तैयारी अमेरिका के भीतर ही हुई।"

हमास को किसने दिए इतने हथियार और तकनीक?

अब सवाल ये है कि आखिर हमास की इतनी मदद किसने की या उसके पीछे कौन हो सकता है? रिपोर्ट्स की मानें, तो इस हमले में हमास की सबसे ज्यादा मदद ईरान ने की। इस पर कमर आगा कहते हैं कि ईरान की भूमिका हमेशा ही रही है। ये कोई छिपी बात नहीं है, लेकिन ईरान अगर हमास को हथियार देता, तो इनको और बहुत एडवांस हथियार दे सकता था, जैसा कि उसने हिजबुल्लाह को दिए हैं। वो इन्हें ड्रोन दे सकता था, और ज्यादा घातक मिसाइल या रॉकेट दे सकता था।

हालांकि, जब हमने उनसे पूछा कि 20 मिनट में 5000 रॉकेट दागे गए, इससे तो पता लगता है कि हथियार तो हमास के पास अच्छे खासे थे। उन्होंने कहा, "सब उन्होंने ही खुद बनाए हैं। वो पिछले कई सालों से इस तरह के रॉकेट बना रहे हैं। हमने देखा कि उन्होंने इसमें काफी कुछ बदलाव किया है। धीरे-धीरे हमास ने अपने रॉकेट और मिसाइल की रेंज भी बढ़ाई।" हालांकि, आगा इस बात से इनकार नहीं करते हैं कि हमास ने हथियार बनाने के लिए कच्चा सामान तस्करी के जरिए हासिल किया।

ईरान के शामिल होने के मुद्दे पर उनका ये भी मानना है कि अगर ईरान पूरी तरह से इसमें शामिल होता, तो इजरायल को सप्लाई के बारे में एकदम पता चल जाता है। कमर आगा का ये भी कहना है कि ऐसा भी हो सकता है कि हथियार बनाने का पूरा सामान ईरान ने ही गुपचुप तरीके से हमास के मुहैया कराया होगा, लेकिन इन लोगों ने ये सब खुद ही बनाया है।

उनका ये भी मानना है कि इस अटैक की प्लानिंग बड़े ही गुपचुप तरीक से की गई थी। हो सकता है कि इस हमले की जानकारी कुछ एक चुनिंदा लोगों को ही हो। क्योंकि अगर ज्यादा लोगों तक इसकी जानकारी होती, तब इजरायल इसके बारे में पता चल जाता है।

कमर आगा ने समझाया, "हिजबुल्लाह के पास काफी एडवांस हथियार हैं, जो ईरान ने ही उसे दिए हैं। लेकिन अगर उसकी भूमिका की बात करें, तो इस हमले की जानकारी शायद 5-10 टॉप लेवल के लोगों को ही होगी। ज्यादा लोगों को अगर पहले मालूम होता, तो ये बात इजरायल को पहले ही पता चल जाती।"

आगा कहते हैं, "ये मिसाइल रॉकेट बनाने में भले ही बहुत से लोग शामिल रहे होंगे। लेकिन इस सब का इस्तेमाल कब और कितने बड़े पैमाने पर होगा, इसकी जानकारी शायद कुछ एक लोगों को ही होगी। क्योंकि रॉकट बनाना और छोटे-मोटे हमले तो हमास रोज ही करता था।"

Israel Hamas War : कब तक चलेगी ये जंग?

उन्होंने इस बात से भी इनकार नहीं किया कि आने वाले समय में इस लड़ाई में हिजबुल्लाह खुले तौर पर कूद पड़ेगा। उन्होंने कहा, "हिजबुल्लाह शुरू से ही हमास का समर्थन करता आया है। आने वाले समय में हिजबुल्लाह भी इस लड़ाई में शामिल हो सकता है और अगर नहीं भी होगा, तो इजरायल उसे शामिल कर लेगा।"

कमर आगा ने इसके पीछे का कारण भी बताया क्योंकि अब इजरायल की असली मकसद यही है कि उसे अपने खिलाफ मुंह उठाने वाली इन ताकतों को पूरी तरह से खत्म करना है। ये लड़ाई अब सीधे ईरान तक जा सकती है।

उन्होंने कहा, "इजरायल पहले भी खुल कर बोल चुका है कि उसे ईरान को सबक सिखाना है। उसने इस तरह का सैन्य अभ्यास भी किया। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भी ईरान को लेकर काफी दिनों से इस तरह के बयान देते आए हैं।"

रिपोर्टों के मुताबिक, इसराइल में अचानक हुए हमले और उसके बाद की लड़ाइयों में मरने वालों की संख्या 900 से ऊपर हो गई है। 500 से ज्यादा लोग अस्पताल में भर्ती रहे, जिनमें से कई लोगों को जानलेवा चोटें आईं। शनिवार से 2,700 से अधिक लोग घायल हुए हैं।

इज़राइल रक्षा बलों के शीर्ष प्रवक्ता, रियर एडमिरल डैनियल हगारी ने कहा, "आखिरी दिन में, एक भी आतंकवादी बाड़ के जरिए इजरायल में घुस नहीं पाया।" पहले के संकेतों के बावजूद, हगारी ने कहा कि सेना को गाजा से इजरायली इलाके में आने वाली किसी सुरंग के बारे में पता नहीं चला है।

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