इजरायली सेना ने कहा है कि इजरायल पर हाल ही में हुए हमले के जवाब में दर्जनों विमानों ने यमन में हूतियों के ठिकानों पर हमले किए हैं। सेना ने कहा कि उसने होदेदा शहर में पावर प्लांट्स और समुद्री बंदरगाह सुविधाओं को निशाना बनाया। हूतियों ने शनिवार को बेन गुरियन एयरपोर्ट पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया था। यह हमला तब हुआ था, जब इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू वहां पहुंच रहे थे।
सेना के प्रवक्ता कैप्टन डेविड अव्राहम ने AFP को बताया, "आज बड़े पैमाने पर हवाई ऑपरेशन में, लड़ाकू जेट, ईंधन भरने वाले विमान और टोही विमानों सहित दर्जनों वायु सेना के विमानों ने यमन के रास इस्सा और होदेदा इलाकों में हूथी आतंकवादी शासन के सैन्य वाले ठिकानों पर हमला किया।"
लेबनान में चल रहे संघर्ष के बीच यमन पर हमला
हूतियों ने कहा था कि हमला इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के आने के समय किया गया था, जो संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करने के बाद देश लौट आए थे।
इजरायल ने ये पलटवार मध्य पूर्व में चल रहे तनाव के बीच किया, वो भी ऐसे समय में जब इजरायल की एयरफोर्स ने बेरूत पर हवाई हमले कर ईरान के समर्थन वाले हिजबुल्लाह के प्रमुख हसन नसरल्लाह को ढेर कर दिया।
ईरान समर्थित हौथी ने भी इजरायल के खिलाफ अपने सहयोगी के प्रमुख नसरल्लाह की हत्या पर शोक जताया।
हसन नसरल्ला के बाद एक और टॉप लीडर की मौत
रविवार को, हिजबुल्लाह ने पुष्टि की कि इजरायली हवाई हमलों में लेबनानी आतंकवादी समूह के एक और टॉप लीडर नबील कौक की मौत हो गई।
यह बयान पूर्वोत्तर लेबनान पर इजरायली हवाई हमले में 11 लोगों के मारे जाने के कुछ घंटों बाद आया है। इजरायल का कहना है कि वह लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर लगातार हमले कर रहा है।
कौक हिजबुल्लाह की केंद्रीय परिषद का उप प्रमुख था। उसने 1995 से 2010 तक दक्षिण लेबनान में हिजबुल्लाह के सैन्य कमांडर के रूप में भी काम किया।