Layoff News: लग्जरी कार बनाने वाली दिग्गज अमेरिकी कंपनी फोर्ड मोटर कंपनी (Ford Motor Company) बड़े पैमाने पर छंटनी करने जा रही है। इसकी योजना यूरोप से 3200 एंप्लॉयीज को कंपनी से निकालने की है और कुछ प्रोडक्ट डेवलपमेंट का काम वहां से अमेरिका शिफ्ट करने की है। यह जानकारी जर्मनी के मेटल कारीगरों के सबसे बड़े यूनियन IG Metall ने दी है। यह यूरोप की सबसे बड़ी इंडस्ट्रियल यूनियन भी है। इसका कहना है कि अगर छंटनी होती है तो इस पूरे यूरोप में कंपनी के खिलाफ लड़ाई लड़ी जाएगी।
कंपनी क्यों कर रही छंटनी पर विचार
इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) की बैटरी के मैटेरियल्स की बढ़ती लागत और अमेरिका-यूरोप में मंदी की आशंका ने ऑटो कंपनियों के सामने खर्च घटाने का दबाव डाला है। वहीं टेस्ला ने इस महीने ईवी प्राइस वॉर शुरू किया है जिसने और दबाव बनाया। इसके चलते कंपनी प्रोडक्ट डेवलपमेंट में 2500 और एडमिनिस्ट्रेटिव रोल्स में 700 एंप्लॉयीज की छंटनी करना चाहती है।
IG Metall के मुताबिक इसका सबसे अधिक झटका जर्मनी को लगेगा। जर्मनी में बर्लिन, हैम्बर्ग और म्यूनिख के बाद चौथे सबसे बड़े शहर कोलोन (Cologne) में स्थित फोर्ड के प्लांट में 14 हजार एंप्लाई हैं और इसमें 3800 एंप्लाई डेवलपमेंट सेंटर में हैं। इन्हें सोमवार को वर्क काउंसिल की बैठक में कंपनी की योजना के बारे में सूचना दे दी गई है।
पूरे यूरोप में खड़ी हो सकती है दिक्कतें
आईजी मेटल का कहना है कि अगर आने वाले हफ्तों में वर्क काउंसिल और मैनेजमेंट के बीच चल रही बातचीत से वर्कर्स का भविष्य सु्निश्चित नहीं होता है तो Ford की छंटनी की योजना का विरोध होगा। इसका असर सिर्फ जर्मनी में ही नहीं पड़ेगा बल्कि पूरे यूरोप भर में इसका झटका दिखेगा। फोर्ड के यूरोप भर में 45 हजार एंप्लॉयीज हैं। फोर्ड ने पिछले साल कोलोन प्लांट में प्रोडक्शन बढ़ाने के लिए 200 करोड़ डॉलर के निवेश का ऐलान किया था।