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Lebanon Pager Blasts: स्मार्टफोन के जमाने में लेबनान में पेजर क्यों हो रहे थे इस्तेमाल?

Lebanon Pager Blasts: जिन पेजर मॉडल में ब्लास्ट हुए, वे अन्य पेजर्स की तरह टेक्स्ट मैसेज को वायरलेस तरीके से रिसीव कर डिस्प्ले तो कर सकते हैं लेकिन उनसे टेलीफोन कॉल नहीं की जा सकती। पेजर पर आए एक मैसेज ने एक्सप्लोसिव्स को ए​क्टीवेट कर दिया। डिवाइसेज को धमाके से पहले कई सेकेंड्स तक बीप करने के लिए प्रोग्राम किया गया था

Edited By: Moneycontrol Newsअपडेटेड Sep 18, 2024 पर 2:35 PM
Lebanon Pager Blasts: स्मार्टफोन के जमाने में लेबनान में पेजर क्यों हो रहे थे इस्तेमाल?
ईरान के सपोर्ट वाले हिज्बुल्लाह ने इन पेजर ब्लास्ट्स के बाद इजरायल को करारा जवाब देने की कसम खाई है।

Lebanon Serial Blasts: मिडिल ईस्ट के देश लेबनान में मंगलवार को उस वक्त दहशत फैल गई, जब एक के बाद एक धमाकों को अंजाम दिया गया। रोज की तरह सामान्य से चल रहे दिन में अचानक से हजारों डिवाइसेज में ब्लास्ट हो गए। जिन लोगों की डिवाइस फटीं, उनमें से कोई बाजार में फल-सब्जी खरीद रहा था, कोई घर पर था, कोई किसी दु​कान पर पेमेंट कर रहा था। देखते ही देखते 11 लोगों की मौत हो गई, 2700 से ज्यादा लोग घायल हो गए और उनके पास मौजूद लोगों को समझ ही नहीं आया कि अचानक से क्या हुआ। मरने वालों में हिज्बुल्लाह सांसद का बेटा और घायलों में लेबनान में ईरान के राजदूत मोज्तबा अमानी भी शामिल हैं।

जिन डिवाइसेज में ब्लास्ट हुआ वह थे पेजर। वही पेजर, जो 90 के दशक में कम्युनिकेशन का सबसे बड़ा जरिया हुआ करते थे। ये ब्लास्ट अपने आप नहीं हुए बल्कि इन्हें प्लान किया गया था और निशाना थे ​लेबनान के संगठन हिज्बुल्लाह के लड़ाके। इन धमाकों की प्लानिंग शायद महीनों पहले की जा चुकी थी। कहा जा रहा है कि यह पूरा जाल इजरायल की जासूसी एजेंसी मोसाद का बिछाया हुआ है। महीनों पहले हिज्बुल्लाह ने 5,000 पेजर्स ऑर्डर किए थे, जो इस साल की शुरुआत में लेबनान पहुंचे।

लेबनान पहुंचने से पहले ही उनके साथ छेड़छाड़ की गई, उनमें से हर एक के अंदर करीब 3 ग्राम बारूद छिपा दिया गया और हिज्बुल्लाह को इस बात की भनक तक नहीं लगी। सवाल यह उठता है कि हिज्बुल्लाह के लिए काम करने वाले लोग मोबाइल/स्मार्टफोन के जमाने में पेजर क्यों इस्तेमाल कर रहे थे।

ये है पेजर इस्तेमाल करने की वजह

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