दक्षिण अफ्रीका में कोरोना वायरस के एक नए वेरिएंट का पता लगा है जिससे अधिक तेजी से संक्रमण फैसले की आशंका है। अधिकारियों ने इससे जुड़े 22 मामलों की गुरुवार को पुष्टि की। नए वेरिएंट मिलने के बाद भारत सरकार अलर्ट हो गई है।
दक्षिण अफ्रीका में कोरोना वायरस के एक नए वेरिएंट का पता लगा है जिससे अधिक तेजी से संक्रमण फैसले की आशंका है। अधिकारियों ने इससे जुड़े 22 मामलों की गुरुवार को पुष्टि की। नए वेरिएंट मिलने के बाद भारत सरकार अलर्ट हो गई है।
केंद्र ने नए वेरिएंट की खबर मिलते ही गुरुवार को तुरंत राज्य सरकारों को इन देशों से आने वाले यात्रियों की सख्त जांच के आदेश दिए हैं। वहीं, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का कहना है कि इस वेरिएंट पर बारीकी से नजर रखी जा रही है।
WHO के अधिकारियों ने दक्षिण अफ्रीका और पड़ोसी बोत्सवाना में फैल रहे नए वेरिएंट B.1.1529 पर बैठक में चर्चा की। यूसीएल जेनेटिक्स इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर फ्रेंकोइस बलौक्स के साइंस मीडिया सेंटर में प्रकाशित बयान के मुताबिक, यह वेरिएंट संभवत: क्रोनिक इन्फेक्शन वाले किसी एचआईवी/एड्स के मरीज में पैदा हुआ।
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने राज्यों को एक लेटर भेजा है, जिसमें कहा गया है कि NCDC की तरफ से यह बताया गया है कि कोविड-19 वेरिएंट B.1.1529 के कई मामले बोत्सवाना (3), दक्षिण अफ्रीका (6) और हॉन्गकॉन्ग (1) में दर्ज किए गए हैं।
उन्होंने आगे कहा कि पता चला है कि इस वेरिएंट में बड़ी संख्या में म्यूटेशन्स हैं। भूषण ने कहा है कि इन देशों के अलावा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की तरफ से जारी गाइंडलाइंस में शामिल जोखिम वाले देशों के यात्रियों की सख्त जांच और स्क्रीनिंग होना अनिवार्य है।
नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर कम्युनिकेबल डिजीज के मुताबिक, अभी डेटा सीमित है और वैज्ञानिक संक्रमण फैलाने की इसकी क्षमता परखने में जुटे हैं। हालांकि, कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि दक्षिण अफ्रीका में मिला नया वेरिएंट डेल्टा से भी बुरा हो सकता है, जो भारत में दूसरी लहर के लिए जिम्मेदार था।
भूषण ने कहा कि इस वेरिएंट में काफी अधिक संख्या में उत्परिवर्तन होने की जानकारी है। वीजा पाबंदियों में हाल की ढील और अंतरराष्ट्रीय यात्रा खोलने के मद्देनजर यह देश के लिए गंभीर जनस्वास्थ्य प्रभाव वाला है।
दुनिया भर के वैज्ञानिक तेजी से फैलने के संकेतों के लिए नए वेरिएंट पर अब गौर करेंगे। दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थान- नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर कम्युनिकेबल डिजीज (एनआईसीडी) ने पुष्टि की कि दक्षिण अफ्रीका में B.1.1529 का पता चला है।
एनआईसीडी के कार्यवाहक कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर एड्रियन प्यूरेन ने कहा कि इसमें आश्चर्य की कोई बात नहीं है कि दक्षिण अफ्रीका में एक नए वेरिएंट का पता चला है... हालांकि आंकड़े अभी सीमित हैं, हमारे विशेषज्ञ नए स्वरूप को समझने के लिए सभी स्थापित निगरानी प्रणालियों के साथ लगातार काम कर रहे हैं।
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