कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus pandemic) का खतरा अभी टला नहीं है। पिछले कुछ दिनों से ओमीक्रोन वेरिएंट (Omicron variant) की वजह से कुछ देशों में चौथी लहर का संकट बना हुआ है। ओमीक्रोन को डेल्टा से भी ज्यादा खतरनाक माना जा रहा है। कोरोना महामारी की शुरुआत से ही संक्रमण को हर आयुवर्ग वाले लोगों के लिए एक बड़ी चुनौती के के रूप में देखा जा रहा है। बच्चों और बुजुर्गों में जोखिम को लेकर अलग-अलग स्टडी में कई तरह के दावे किए जाते रहे हैं।
इस बीच ओमीक्रोन वेरिएंट से बच्चों में संक्रमण और गंभीरता के जोखिम को लेकर एक स्टडी कर रही टीम ने एक बड़ा दावा किया है। स्टडी में कहा गया है कि ओमीक्रोन वेरिएंट से संक्रमित पांच साल से कम उम्र के बच्चों को डेल्टा वेरिएंट से संक्रमित बच्चों के मुकाबले गंभीर रूप से बीमार पड़ने का खतरा कम होता है।
बच्चों में गंभीर मामलों का खतरा कम
बच्चों में संक्रमण के जोखिम को लेकर की गई इस स्टडी के निष्कर्ष को जामा पीडियाट्रिक्स (JAMA Pediatrics) जर्नल में प्रकाशित किया गया है। बच्चों में ओमीक्रोन और डेल्टा से संक्रमण की स्थिति में स्वास्थ्य समस्याओं को जानने के लिए यह पहली सबसे बड़े पैमाने पर स्टडी की गई है। इस स्टडी में उन बच्चों को शामिल किया गया है, जिनका वैक्सीनेशन नहीं हुआ है। स्टडी में पता चला है कि कोविड-19 का ओमीक्रोन वेरिएंट डेल्टा वेरिएंट के मुकाबले छह से आठ गुना अधिक संक्रामक है। इसमें कहा गया है कि ओमीक्रोन से संक्रमित करीब 1.8 फीसदी बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया जबकि डेल्टा संक्रमण के मामले में यह संख्या 3.3 फीसदी रही।
यह स्टडी अमेरिका में केस वेस्टर्न रिजर्व यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं की अगुवाई में की गई है। प्रोफेसर पामेला डेविस ने कहा है कि हमारे निष्कर्ष में यह था कि डेल्टा के मुकाबले ओमीक्रोन से अधिक बच्चे संक्रमित हुए लेकिन ये संक्रमित बच्चे उन बच्चों के मुकाबले गंभीर रूप से कम बीमार पड़े जो डेल्टा वेरिएंट से संक्रमित पाए गए थे। टीम ने अमेरिका में 651,640 से अधिक बच्चों के इलेक्ट्रॉनिक स्वास्थ्य रिकॉर्ड का एनालिसिस किया। इसमें 22,772 से अधिक बच्चे ओमीक्रोन और करीब 66,000 बच्चों के डेल्टा वेरिएंट से संक्रमित होने के रिकॉर्ड थे। कई मापदंडों को लेकर की गई इस स्टडी के निष्कर्ष में पाया गया कि ओमीक्रोन से संक्रमित ज्यादातर बच्चों की औसत आयु डेढ़ साल थी।