Pakistan Economic Crisis: पाकिस्तान (Pakistan) में आर्थिक उथल-पुथल (Economic Crisis) एक गंभीर स्थिति में पहुंच गई है। आलम ये है कि दुनिया में अगर कहीं सबसे महंगा आटा बिक रहा है, तो वो पाकिस्तान का प्रमुख शहर कराची। ARY News की एक रिपोर्ट के अनुसार, कराची में आटे की कीमत चरम पर पहुंच गई है। कीमतें 320 रुपए प्रति किलोग्राम या 3,200 रुपए प्रति 20 किलोग्राम तक पहुंच गई हैं। इस रेट का मतलब है कि मात्र 1 किलोग्राम आटे की कीमत अब 320 रुपए है, जो 58 सालों में सबसे ज्यादा कीमत है, और शहर में चल रही आर्थिक कठिनाइयों की गंभीरता की ओर इशारा कर रही है।
इससे पहले कराची में आटे का 20 किलोग्राम का बैग 3000 रुपए पर मिल रहा था, जो अब पिछले ऑल टाइम हाई, यानी अब तक की सबसे ऊंच दर पहुंच गया और सबसे महंगा आटे वाला शहर बन गया। कराची ने हैदराबाद को भी पीछे छोड़ दिया है।
जरूरी चीजों की बढ़ती कीमतें केवल कराची तक ही सीमित नहीं हैं। इस्लामाबाद, रावलपिंडी, सियालकोट और खुजदार समेत दूसरे प्रमुख पाकिस्तानी शहरों में भी आटे की कीमतों में जबरदस्च बढ़ोतरी देखी जा रही है।
इस्लामाबाद में आटे के 20 किलो के थैले की कीमत 106 रुपए, रावलपिंडी में आटे के 20 किलो के थैले की कीमत 200 रुपए, सियालकोट में आटे के 20 किलो के थैले की कीमत 300 रुपए और खुजदार में आटे के 20 किलो के थैले की कीमत 300 रुपए से ज्यादा है।
इसके अलावा बहावलपुर, मुल्तान, सुक्कुर और क्वेटा जैसे छोटे शहरी केंद्र भी संकट का सामना कर रहे हैं, कीमतें क्रमशः 146 रुपए, 93 रुपए, 120 रुपए और 100 रुपए तक बढ़ रही हैं, जिससे आबादी पर भारी वित्तीय दबाव पड़ रहा है।
चीनी की बढ़ती कीमतों के कारण स्थिति और भी जटिल हो गई है, जो पूरे पाकिस्तान की रिटेल मार्केट में 160 रुपए प्रति किलोग्राम के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। महंगाई में बढ़ोतरी ने देश भर के कई शहरों को प्रभावित किया है, जिससे पहले से ही गंभीर वित्तीय संकट और बढ़ गया है।
शहर की बढ़ती समस्याओं को देखते हुए, कराची को इकोनॉमिस्ट इंटेलिजेंस यूनिट (EIU) ग्लोबल लिवेबिलिटी इंडेक्स 2023 में दुनिया के सबसे कम रहने योग्य शहरों में जगह दी गई है।
लिस्ट में 173 शहरों में से निराशाजनक 169वीं जगह पर रहते हुए, कराची का 42.5 का लिवेबिलिटी स्कोर औसत से काफी नीचे है। स्थिरता, हेल्थ केयर, संस्कृति और पर्यावरण, इंफ्रास्ट्रक्चर और शिक्षा समेत अलग-अलग पहलुओं में शहर का प्रदर्शन चिंताजनक रूप से कम बना हुआ है।